Women Empowerment News: महतारी वंदन से महिलाओं को मिला आर्थिक संबल, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू जरूरतों में हो रही मदद
जशपुर की परमिला प्रजापति को महतारी वंदन योजना से हर माह 1,000 रुपये की सहायता मिल रही है। राशि से बच्चों की पढ़ाई, पोषण और घरेलू जरूरतों में मदद मिल रही है।

Women Empowerment News रायपुर, 31 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना पात्र महिलाओं के लिए नियमित आर्थिक सहायता का माध्यम बन रही है। योजना के तहत हर माह 1,000 रुपये की सहायता मिलने से महिलाएं अपनी घरेलू और व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने के साथ परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी योगदान दे रही हैं।
जशपुर जिले के ग्राम देवगुड़ा निवासी परमिला प्रजापति भी इस योजना की लाभार्थी हैं। उन्हें हर महीने मिलने वाली राशि से अपने बच्चे की पढ़ाई, पोषण और घर की छोटी-छोटी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल रही है। नियमित आर्थिक सहायता से उन्हें अपनी जरूरतों के अनुसार राशि खर्च करने और कई छोटे फैसले स्वयं लेने का अवसर मिला है।
बच्चों की पढ़ाई में मिल रहा आर्थिक सहारा
परमिला प्रजापति के अनुसार महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में उपयोगी साबित हो रही है। वह बच्चे की पढ़ाई और पोषण से जुड़ी जरूरतों के लिए इस राशि का उपयोग करती हैं। साथ ही घर की छोटी जरूरतों को पूरा करने में भी आर्थिक सहायता मिलती है।
उन्होंने बताया कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी दूसरों पर निर्भरता रहती थी, लेकिन नियमित सहायता मिलने से अब कई खर्चों का प्रबंधन स्वयं कर पा रही हैं। इससे उनके आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी हुई है।
महिलाओं को आर्थिक फैसले लेने में मिल रही मजबूती
महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित राशि महिलाओं को अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार खर्च करने का अवसर दे रही है। इससे वे परिवार की जरूरतों में योगदान देने के साथ आर्थिक निर्णयों में भी अधिक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
परमिला प्रजापति ने योजना के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं की जरूरतों और सम्मान को ध्यान में रखते हुए मिलने वाली यह सहायता उनके लिए काफी उपयोगी है।
महिला सशक्तिकरण को मिल रहा नया आधार
महतारी वंदन योजना के माध्यम से मिलने वाला आर्थिक संबल महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के साथ परिवार की खुशहाली में भी योगदान दे रहा है। नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर पा रही हैं और परिवार की आर्थिक व्यवस्था में उनकी भागीदारी मजबूत हो रही है।



