छत्तीसगढ़

Bastar News: धमाकों की जगह गूंजी रेडियो की आवाज, छिंदनार के ग्रामीणों ने सुनी ‘मन की बात’

ग्रामीणों ने उत्साह से सुना प्रधानमंत्री का संदेश, मंत्री, सांसद और विधायक भी रहे मौजूद

Bastar News: दंतेवाड़ा के सुदूर वनांचल छिंदनार में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का प्रसारण ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से सुना। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बदलते माहौल के बीच बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रधानमंत्री का संदेश सुनने के लिए एकत्र हुए। कार्यक्रम को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।

ग्रामीणों के साथ मंत्री, सांसद और विधायक ने सुनी ‘मन की बात’

छिंदनार में आयोजित कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद महेश कश्यप और दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी भी ग्रामीणों के साथ मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना। कई ग्रामीणों के लिए प्रधानमंत्री को रेडियो के माध्यम से सुनने का यह पहला अवसर रहा।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि ‘मन की बात’ देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे सकारात्मक कार्यों, नवाचारों और बदलावों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने का माध्यम है। इससे समाजहित में काम करने वाले लोगों को प्रोत्साहन मिलता है और दूसरे नागरिक भी बेहतर कार्यों के लिए प्रेरित होते हैं।

बदलते बस्तर की दिखी नई तस्वीर

छिंदनार में ग्रामीणों का प्रधानमंत्री का कार्यक्रम सुनने के लिए एकजुट होना बस्तर में बदलते हालात की तस्वीर के तौर पर देखा जा रहा है। लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहे इस क्षेत्र में अब विकास और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

दूरस्थ गांवों तक सड़क, मोबाइल कनेक्टिविटी, स्कूल, अस्पताल और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि नक्सलवाद के कारण लंबे समय तक प्रभावित रहे विकास कार्यों को गति देकर बस्तर के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है।

ग्रामीणों में विकास को लेकर बढ़ी उम्मीद

‘मन की बात’ सुनने के बाद ग्रामीणों ने इसे देश के लोगों को एक सूत्र में जोड़ने वाला कार्यक्रम बताया। ग्रामीणों के अनुसार ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश की संस्कृति, विरासत और विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे सकारात्मक प्रयासों की जानकारी मिलती है।

छिंदनार में आयोजित यह कार्यक्रम बस्तर के उन दूरस्थ इलाकों में बदलती परिस्थितियों की झलक पेश करता है, जहां अब विकास, संवाद और नागरिक सुविधाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में गतिविधियां तेज हो रही हैं।

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