Forest Rights: बिलासपुर में 16,985 वन अधिकार दावे निरस्त, 25 हजार से अधिक आवेदनों में केवल 8,580 को मंजूरी
बिलासपुर में व्यक्तिगत वन अधिकार के 25,565 दावों में से 16,985 आवेदन निरस्त हुए, जबकि 8,580 को मान्यता मिली। जानिए वन अधिकार दावों के आंकड़े।

Forest Rights बिलासपुर, छत्तीसगढ़। जिले में वन अधिकार अधिनियम के तहत पुश्तैनी जमीन पर मालिकाना हक पाने के लिए आवेदन करने वाले आदिवासी और अन्य वनवासियों के हजारों दावे निरस्त कर दिए गए हैं। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार, व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र के लिए कुल 25,565 दावे प्रस्तुत किए गए थे। इनमें से 16,985 आवेदन निरस्त कर दिए गए, जबकि 8,580 हितग्राहियों के दावों को मान्यता मिली। इस तरह कुल आवेदनों में लगभग 66.4 प्रतिशत दावे खारिज हुए हैं। यह आंकड़ा जिले के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है, जो पीढ़ियों से वन भूमि पर काबिज होने के आधार पर अपने अधिकारों की मान्यता चाहते हैं।
वन अधिकार अधिनियम का उद्देश्य पात्र आदिवासी और अन्य परंपरागत वनवासियों के वन भूमि पर अधिकारों को मान्यता देना है। उपलब्ध समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, बिलासपुर जिले में बड़ी संख्या में व्यक्तिगत वन अधिकार के आवेदन निरस्त हुए हैं। रिपोर्ट में तकनीकी कमियों और दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं को दावे खारिज होने के कारणों के रूप में बताया गया है। हालांकि, प्रत्येक आवेदन के निरस्तीकरण का विस्तृत कारण और पुनर्विचार या अपील की स्थिति उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है। ऐसे में प्रभावित आवेदकों के लिए अपने दावे की स्थिति, निरस्तीकरण का लिखित कारण और नियमानुसार उपलब्ध अपील या पुनः परीक्षण की प्रक्रिया की जानकारी संबंधित विभाग से लेना महत्वपूर्ण है।



