छत्तीसगढ़

Cattle Shelter Management: फुंडहर गौधाम में बारिश से गोवंश की सुरक्षा के लिए तत्काल तिरपाल की व्यवस्था के निर्देश

रायपुर के फुंडहर गौधाम में बारिश से गोवंश की सुरक्षा के लिए तत्काल तिरपाल और अस्थायी शेड की व्यवस्था के निर्देश दिए गए। सभी ZHO को गोठानों का निरीक्षण करने को कहा गया।

Cattle Shelter Management रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर के गोठानों में गोवंश की व्यवस्थाओं और रखरखाव को लेकर महापौर मीनल चौबे ने सभी जोन हेल्थ ऑफिसरों (ZHO) और काउकैचर टीम के कर्मचारियों की बैठक लेकर विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सड़क से पकड़े जाने वाले गोवंश, गोठानों की क्षमता, चारा-पानी, शेड, स्वास्थ्य सुविधाओं और पकड़े गए गोवंश की आगे की व्यवस्था को लेकर जानकारी ली गई।

गोठानों की क्षमता पूरी होने पर असुरक्षित जगह छोड़ना स्वीकार नहीं

बैठक में सामने आया कि नगर निगम के सभी गोठानों की क्षमता लगभग पूरी हो चुकी है। इसके चलते सड़क से पकड़े जाने वाले कुछ गोवंश को आउटर क्षेत्र में छोड़े जाने की जानकारी दी गई। इस पर महापौर ने स्पष्ट कहा कि गोठानों की क्षमता पूरी होना गोवंश को असुरक्षित खुले स्थान पर छोड़ने का कारण नहीं बन सकता।

उन्होंने कहा कि गोवंश को पकड़ने के बाद उसकी सुरक्षित व्यवस्था और उसे कहां रखा गया है, इसकी पूरी जानकारी संबंधित अधिकारियों के पास होनी चाहिए। किसी भी गोठान में निर्धारित क्षमता से अधिक गोवंश नहीं रखा जाए। उपलब्ध स्थान, चारा-पानी, शेड और स्वास्थ्य सुविधाओं का आकलन करने के बाद ही व्यवस्था की जाए।

सभी ZHO को मौके पर जाकर निरीक्षण के निर्देश

महापौर ने सभी जोन हेल्थ ऑफिसरों को निर्देश दिए कि वे तत्काल सभी गोठानों और कांजी हाउस का मौके पर जाकर निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान गोवंश की संख्या, गोठान की क्षमता, स्वास्थ्य, चारा-पानी, शेड, साफ-सफाई और जल निकासी की स्थिति की जानकारी ली जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल कागजी रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय मौके पर जाकर गोवंश की वास्तविक स्थिति देखें और आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करें।

फुंडहर में बारिश से बचाने तत्काल तिरपाल की व्यवस्था

लगातार बारिश को देखते हुए महापौर ने फुंडहर क्षेत्र में गोवंश को बारिश से बचाने के लिए तत्काल मजबूत तिरपाल और अस्थायी शेड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कीचड़ और जलभराव की समस्या को देखते हुए सफाई तथा जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने को भी कहा गया।

महापौर ने कहा कि स्थायी शेड बनने में समय लग सकता है, लेकिन तब तक गोवंश को बारिश में खुले में नहीं रखा जा सकता। तत्काल ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे गोवंश को बारिश, पानी और कीचड़ से राहत मिल सके। यदि गोठानों की क्षमता पूरी हो चुकी है तो सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार की जाए।

गोवंश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

महापौर ने कहा कि गोवंश आस्था के साथ जिम्मेदारी भी है। बारिश के दौरान उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गोठानों में क्षमता से अधिक गोवंश न रखा जाए और उन्हें किसी भी स्थिति में असुरक्षित खुले स्थान पर न छोड़ा जाए।

उन्होंने कहा कि चारा, पानी, शेड, सफाई और स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। महापौर ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी कर्मचारी या एजेंसी को परेशान करना नहीं, बल्कि गोवंश को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना है।

गोवंश के रखरखाव पर निगम कर रहा भुगतान

जानकारी के अनुसार गोकुल नगर गोठान में प्रत्येक गोवंश के रखरखाव के लिए 23 रुपये तथा फुंडहर, अटारी और जरवई गोठानों में 27 रुपये प्रति गोवंश के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। वहीं काउकैचर टीमों द्वारा प्रतिदिन औसतन 4 से 5 गोवंश पकड़े जाने की जानकारी दी गई।

महापौर ने कहा कि जब गोवंश को पकड़ने और उनके रखरखाव पर नगर निगम द्वारा राशि खर्च की जा रही है, तो प्रत्येक गोवंश की सुरक्षित व्यवस्था और उसके गंतव्य की पूरी जानकारी अधिकारियों के पास होना आवश्यक है।

काउकैचर टेंडर की जानकारी नहीं होने पर अधिकारियों से नाराजगी

बैठक में जानकारी सामने आई कि जोन-8 और जोन-10 में काउकैचर का टेंडर अब तक नहीं हुआ है। इस पर महापौर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और संबंधित उपायुक्त के प्रति नाराजगी जताई।

उन्होंने कहा कि गोवंश पकड़ने जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था में किस जोन में टेंडर हुआ है, कहां टीम कार्यरत है और कहां व्यवस्था लंबित है, इसकी पूरी जानकारी अधिकारियों के पास होनी चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में चल रही व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी और समुचित समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सड़क पर गोवंश न छोड़ने की अपील

महापौर ने आम जनता से भी अपील की कि गोवंश को सड़कों पर खुला न छोड़ें। इससे न केवल गोवंश को दुर्घटना और कष्ट का सामना करना पड़ता है, बल्कि सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ता है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन और आम जनता मिलकर गोवंश की सुरक्षा एवं सेवा के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित कर सकते हैं।

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