तुरतुरिया धाम में बड़ा हादसा टला: बालमदेही नदी में आई अचानक बाढ़, मंदिर में फंसे 250 श्रद्धालुओं को पुलिस ने सुरक्षित निकाला
भंडारपुरी डुम्हा गांव से माता के दर्शन करने पहुंचे थे सैकड़ों दर्शनार्थी; उफनती नदी के बीच पुलिस जवानों ने जान जोखिम में डालकर चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

बलौदाबाजार, 6 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। जिले के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल तुरतुरिया मंदिर (तुरतुरिया धाम) में रविवार को एक बहुत बड़ा हादसा होते-होते टल गया। माता के दर्शन करने पहुंचे करीब 250 श्रद्धालु अचानक नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण मंदिर परिसर के भीतर ही फंस गए थे। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से बालमदेही नदी का जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि श्रद्धालुओं की वापसी का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया। संकट की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन ने तत्काल मोर्चा संभाला और अपनी जान जोखिम में डालकर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
दर्शन के बाद अचानक बढ़ा नदी का जलस्तर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार की सुबह भंडारपुरी डुम्हा गांव से बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे बालमदेही नदी को पार कर माता के दर्शन के लिए तुरतुरिया मंदिर पहुंचे थे। सुबह के वक्त नदी का जलस्तर सामान्य था और रास्ता पूरी तरह साफ था। लेकिन दोपहर होते-होते कवर्धा और आसपास की पहाड़ियों पर हुई भारी बारिश के कारण अचानक बालमदेही नदी उफान पर आ गई। देखते ही देखते नदी का मटमैला पानी मंदिर के आसपास के रास्तों तक फैल गया, जिससे श्रद्धालुओं की जान आफत में पड़ गई और वे वहीं कैद होकर रह गए।
पुलिस जवानों ने देवदूत बनकर संभाला मोर्चा
जांबाजी का रेस्क्यू: नदी का रौद्र रूप देखकर श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी और डर का माहौल निर्मित हो गया था। जैसे ही इस आपातकालीन स्थिति की सूचना बलौदाबाजार पुलिस को मिली, पुलिस की एक विशेष टीम रेस्क्यू कटीले तारों, रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों के साथ तत्काल मौके पर पहुंची।
तेज बहाव और गहरे पानी की परवाह न करते हुए पुलिस के जांबाज जवानों ने उफनती नदी के बीचों-बीच रस्सी बांधी। जवानों ने एक-एक कर सभी बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सहारा देकर बेहद सूझबूझ और बहादुरी से सुरक्षित नदी पार कराई। पुलिस की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई के कारण सभी 250 श्रद्धालुओं को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं और उनके परिजनों ने पुलिस प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया।
प्रशासन ने जारी की चेतावनी: नदी-नालों से दूर रहें
इस घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने मानसून के मद्देनजर गाइडलाइन जारी की है। बलौदाबाजार एसपी ने आम नागरिकों और जिले के सैलानियों से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान नदी, नालों, रपटों और जलप्रपातों (Waterfalls) के पास जाने से पूरी तरह बचें। विशेष रूप से वनांचल और पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित धार्मिक स्थलों पर जाते समय मौसम के मिजाज का ध्यान रखें और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं।



