छत्तीसगढ़

PMMVY: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में छत्तीसगढ़ बना देश का नंबर वन राज्य, पंजीयन में सबको पीछे छोड़ा

विशेष अभियान के महज 9 दिनों में पूरा किया 72% लक्ष्य; जांजगीर-चांपा जिला प्रदेश में अव्वल, सीएम साय ने दी बधाई

रायपुर: छत्तीसगढ़ ने महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक और ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के अंतर्गत गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के पंजीयन और प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के आवेदनों के त्वरित निराकरण में छत्तीसगढ़ पूरे देश में पहले पायदान पर पहुंच गया है। राज्य में 15 जून से 15 जुलाई तक चलाए जा रहे विशेष अभियान के शुरुआती मात्र 9 दिनों के भीतर ही निर्धारित लक्ष्य का 72 प्रतिशत पूरा कर देश के सभी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने विभागीय टीम और मैदानी अमले को बधाई दी है।

इस विशेष अभियान के तहत जिलों के प्रदर्शन की बात करें, तो छत्तीसगढ़ का जांजगीर-चांपा जिला 96 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के साथ पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा है। यह सफलता महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, पर्यवेक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और जमीनी अमले के आपसी समन्वय और समर्पित प्रयासों का प्रतिफल है।

क्या है योजना और कितनी मिलती है सहायता?

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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) केंद्र सरकार की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षित मातृत्व के लिए वित्तीय संबल प्रदान करना है। योजना के नियमों के तहत:

पहली संतान (जीवित) के जन्म पर: पात्र महिला हितग्राही को ₹5,000 की आर्थिक सहायता राशि दी जाती है।

दूसरी संतान बालिका (बेटी) होने पर: प्रोत्साहन के रूप में ₹6,000 की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।

यह योजना राज्य में संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) को बढ़ावा देने, शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और नवजातों के कुपोषण को दूर करने में बेहद कारगर साबित हो रही है।

मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री ने जताया आभार

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। यह योजना महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व देने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ी के स्वस्थ भविष्य की नींव रख रही है।

वहीं, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और अधिकारियों का आभार जताते हुए प्रदेश की शेष बची पात्र महिलाओं से अपील की है कि वे 15 जुलाई तक चलने वाले इस विशेष शिविर का लाभ उठाएं और अपना पंजीयन नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर अनिवार्य रूप से कराएं।

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