छत्तीसगढ़ महिला आयोग की सख्त कार्रवाई: 13 नर्सों की आधी सैलरी हड़पने वाली एजेंसी पर FIR के निर्देश….
ESIC अस्पताल रायपुर का मामला; प्लेसमेंट एजेंसी पर लगा शोषण का आरोप, आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने दिए कड़ी कार्रवाई के आदेश

रायपुर, 10 अगस्त। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू तथा सदस्य सरला कोसरिया, ओजस्वी मंडावी एवं दीपिका शोरी की मौजूदगी में रायपुर स्थित आयोग कार्यालय में महिला उत्पीड़न से संबंधित विभिन्न प्रकरणों की जनसुनवाई आयोजित की गई। इस सुनवाई के दौरान कुल 6 गंभीर मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया। इसी सुनवाई में एक बड़ा वित्तीय शोषण का मामला सामने आया, जिसमें 13 महिला नर्सों ने एक प्राइवेट प्लेसमेंट एजेंसी पर उनकी मेहनत की आधी सैलरी हड़पने का गंभीर आरोप लगाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रायपुर स्थित ईएसआईसी (ESIC) अस्पताल में कार्यरत 13 नर्सों ने आयोग के समक्ष अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई थीं। नर्सों का आरोप है कि ‘अनुग्रह प्रो. विजार्ड बिजनेस सॉल्यूशन’ नामक प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से उन्हें ईएसआईसी अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर दो वर्षों के लिए नियुक्त किया गया था। लेकिन एजेंसी द्वारा उनके निर्धारित वेतन में से आधी राशि जबरन काटकर उनका आर्थिक शोषण किया जा रहा था। मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने तत्काल संबंधित थाने में एजेंसी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के कड़े निर्देश दिए।
महिला आयोग की इस सख्त कार्रवाई से प्लेसमेंट एजेंसियों के मनमाने रवैये और कर्मचारियों का शोषण करने वाले बिचौलियों में हड़कंप मच गया है। आयोग की अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कामकाजी महिलाओं के अधिकारों से खिलवाड़ और उनका आर्थिक या मानसिक उत्पीड़न किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही आयोग ने संबंधित विभाग और अस्पताल प्रबंधन को भी निर्देश दिए हैं कि कर्मचारियों को उनका पूरा हक और पारदर्शी तरीके से वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए।



