छत्तीसगढ़

Consumer News : छत्तीसगढ़ में पति की मौत के बाद 11 साल तक बीमा कंपनी से लड़ी पत्नी, अब NCDRC ने सुनाया फैसला; मिलेगी पूरी बीमा राशि

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का बड़ा निर्णय: संयुक्त बैंक खाते से कटा हो प्रीमियम तो किसी भी एक खाताधारक की मृत्यु पर मिलेगा पूरा बीमा दावा

रायपुर, 7 अगस्त। राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) ने संयुक्त बैंक खाते से जुड़े दुर्घटना बीमा दावे के एक बेहद महत्वपूर्ण और नजीर पेश करने वाले मामले में फैसला सुनाया है। छत्तीसगढ़ के इस मामले में आयोग ने 11 साल लंबे कानूनी संघर्ष के बाद मृतक की पत्नी के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए बीमा कंपनी की सभी आपत्तियों को सिरे से खारिज कर दिया। आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि किसी संयुक्त बैंक खाते से दुर्घटना बीमा का प्रीमियम कटा है, तो दुर्घटना में किसी भी एक खाताधारक की मृत्यु होने पर नामांकित/जीवित साथी पूरी बीमा राशि का दावा करने का हकदार है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पति की अचानक दुर्घटना में हुई मृत्यु के बाद जब पत्नी ने बीमा दावे के लिए आवेदन किया, तो बीमा कंपनी ने तकनीकी खामियों और संयुक्त खाते से जुड़ी आपत्तियों का हवाला देते हुए क्लेम राशि देने से इंकार कर दिया था। इसके बाद पीड़िता ने न्याय के लिए कानूनी रास्ता अपनाया। जिला व राज्य उपभोक्ता फोरम से होते हुए यह मामला राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) पहुंचा, जहां पीड़िता ने लगातार 11 वर्षों तक बीमा कंपनी की दलीलों के खिलाफ कानूनी लड़ाई जारी रखी।

राष्ट्रीय आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए बीमा कंपनी के रवैये को अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी माना। आयोग ने बीमा कंपनी को स्पष्ट निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता पत्नी को दुर्घटना बीमा की पूरी क्लेम राशि का भुगतान करे। उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि NCDRC के इस फैसले से देशभर के उन लाखों बैंक खाताधारकों और उनके परिवारों को बड़ी राहत और कानूनी मजबूती मिलेगी, जो संयुक्त खातों के माध्यम से बैंक बीमा योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।

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