छत्तीसगढ़

जलप्रलय से कांपा कुसमी: 7 घंटे बरसी 278 मिमी आफत, तिनके की तरह बहे बाजार में लाखों के सामान

मौसम विशेषज्ञों ने माना 'बादल फटने' जैसी स्थिति; घुटनों तक डूबा शहर, जल निकासी के दावों की खुली पोल

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के सरहदी जिले बलरामपुर के कुसमी अंचल में कुदरत का भयानक रूप देखने को मिला है। शुक्रवार को हुई अप्रत्याशित और अति भारी बारिश ने पूरे नगर को घुटनों के बल ला दिया। दोपहर बाद से लेकर देर रात तक लगातार सात घंटों तक हुई इस मूसलाधार बारिश ने कुसमी नगर पंचायत की जल निकासी व्यवस्था की पूरी तरह से पोल खोलकर रख दी।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, महज सात घंटे के भीतर लगभग 278 मिलीमीटर (मिमी) रिकॉर्ड तोड़ वर्षा दर्ज की गई है। इतनी कम अवधि में इतनी भारी मात्रा में पानी गिरने को मौसम विशेषज्ञ ‘बादल फटने’ (Cloudburst) जैसी गंभीर स्थिति मान रहे हैं।

तालाब बना मुख्य बाजार, दुकानों में घुसा बाढ़ का पानी

इस आसमानी आफत का सबसे भयानक असर कुसमी के मुख्य बाजार और रिहायशी इलाकों में देखने को मिला:

लाखों का नुकसान: जलभराव इतनी तेजी से हुआ कि व्यापारियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। मुख्य बाजार की सैकड़ों दुकानों और गोदामों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया, जिससे वहां रखा अनाज, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़े और अन्य सामग्रियां पूरी तरह बर्बाद हो गईं।

बाढ़ जैसे हालात: सड़कों पर तेज बहाव के कारण कई दोपहिया वाहन पानी में बहते नजर आए। निचले इलाकों में स्थित घरों में पानी घुस जाने से लोगों को रतजगा करने पर मजबूर होना पड़ा।

प्रशासनिक अमला अलर्ट, राहत कार्य जारी

इस अचानक आई आपदा के बाद स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग की टीमें मुस्तैद हो गई हैं। प्रभावित दुकानदारों और ग्रामीणों के नुकसान का आकलन (सर्वे) करने के निर्देश जारी किए गए हैं। नगर सेना और आपदा प्रबंधन की टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की निकासी के लिए रास्ते बनाने में जुटी हैं। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए भी क्षेत्र में अलर्ट जारी किया है, जिससे नागरिकों को नदी-नालों और रपटों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

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