छत्तीसगढ़

Nandanvan Jungle Safari Nawa Raipur: प्रकृति और रोमांच का अनूठा संगम; 320 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी बना पर्यटकों की पहली पसंद

एशियाई शेर, बाघ, भालू और क्लोन जंगली भैंसा 'दीपाशा' हैं आकर्षण के केंद्र; 2025-26 में 3.24 लाख से अधिक पर्यटकों ने किया दीदार

रायपुर, 24 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित नंदनवन जंगल सफारी राज्य के सबसे प्रमुख पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण केंद्रों में से एक बन चुका है। 320.15 हेक्टेयर विशाल क्षेत्र में फैला यह प्राकृतिक परिसर देश-विदेश के पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है।

यहाँ वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित माहौल दिया गया है, जहाँ पर्यटक खुली गाड़ियों में रोमांचक सफारी का आनंद लेते हैं।

1979 के ‘मिनी जू’ से आधुनिक ‘जंगल सफारी’ तक का सफर

शुरुआत (1979): रायपुर में वन्यजीव रेस्क्यू और राहत केंद्र के रूप में ‘नंदनवन मिनी जू’ की शुरुआत हुई थी।

सीजेडए मान्यता (2008): केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) ने इसे आधिकारिक मिनी जू की मान्यता दी।

लोकार्पण (2016): राज्य के 16वें स्थापना दिवस पर 1 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आधुनिक जंगल सफारी का औपचारिक उद्घाटन किया था।

5 प्रमुख सफारी जोन हैं मुख्य आकर्षण

पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए नंदनवन जंगल सफारी को 5 अलग-अलग जोन में बांटा गया है:

शाकाहारी सफारी (30.89 हेक्टेयर): चीतल, सांभर, नीलगाय और काला हिरण का मुक्त विचरण।

भालू सफारी (20.03 हेक्टेयर): प्राकृतिक माहौल में भालुओं का दीदार।

बाघ सफारी (20.04 हेक्टेयर): राष्ट्रीय पशु बाघ को करीब से देखने का रोमांच।

सिंह सफारी (20.01 हेक्टेयर): दुर्लभ एशियाई शेरों का संरक्षण।

जू जोन (50 हेक्टेयर): विभिन्न प्रजातियों के पक्षी, सरीसृप और जलीय जीव।

विशेष आकर्षण:

पशु विनिमय कार्यक्रम (Animal Exchange) के तहत यहाँ सफारी में सफेद बाघ, दरियाई घोड़ा, घड़ियाल और विशेष रूप से तैयार क्लोन जंगली भैंसा ‘दीपाशा’ पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र हैं।

पर्यटकों के आंकड़ों में भारी उछाल

वनमंडलाधिकारी थेजस शेखर ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वन मंत्री केदार कश्यप की मंशानुरूप नंदनवन जंगल सफारी में सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।

वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड तोड़ 3 लाख 24 हजार 785 से अधिक पर्यटकों ने सफारी का भ्रमण किया, जो इसके प्रति बढ़ते आकर्षण को दर्शाता है।

पर्यटकों के लिए उपयोगी जानकारी

स्थान: सेक्टर-39, नवा रायपुर (अटल नगर)।

दूरी: स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 15 किमी और रायपुर रेलवे स्टेशन से 35 किमी।

साप्ताहिक अवकाश: जंगल सफारी प्रत्येक सोमवार को पर्यटकों के लिए बंद रहती है।

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