छत्तीसगढ़

साय सरकार का ‘सुशासन तिहार’: जनता के द्वार पहुंचकर समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट निपटारा, तालापारा शिविर से लिखी जा रही बदलाव की नई इबारत

समाधान शिविरों के जरिए सीधे आमजन तक पहुंच रहीं सरकारी योजनाएं, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन मॉडल से आत्मनिर्भर बन रहे छत्तीसगढ़ के लोग

Bol Bharat 24 News Raipur: छत्तीसगढ़ की धरती पर इन दिनों विकास और प्रशासनिक पारदर्शिता की एक नई तस्वीर देखने को मिल रही है। सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सरकार की कोशिशों का नतीजा है कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक भी शासकीय योजनाओं का लाभ बेहद आसानी से पहुंच रहा है। प्रदेश में चलाया जा रहा यह सुशासन मॉडल न केवल प्रशासनिक दक्षता का एक बड़ा उदाहरण पेश कर रहा है, बल्कि सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की अवधारणा को भी धरातल पर सच साबित कर रहा है।

इसी कड़ी में राज्यभर में मनाया जा रहा ‘सुशासन तिहार’ (सुशासन उत्सव) आम जनता के लिए नई उम्मीद और अटूट विश्वास का जरिया बन गया है। इस विशेष अभियान के तहत साय सरकार के अधिकारी और जनप्रतिनिधि खुद जनता के बीच, उनके मोहल्लों और गांवों में पहुंच रहे हैं। अधिकारियों द्वारा मौके पर ही लोगों की समस्याओं और शिकायतों को सुना जा रहा है और उनका तत्काल निराकरण किया जा रहा है। सरकार की इस अनूठी पहल का सबसे बड़ा फायदा यह हो रहा है कि ग्रामीणों और आम नागरिकों को छोटे-छोटे कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं।

इसी प्रशासनिक मुस्तैदी का एक सजीव और बड़ा उदाहरण बिलासपुर के तालापारा में आयोजित समाधान शिविर में देखने को मिला। इस शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे स्थानीय लोगों की विभिन्न समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान किया गया, जिससे उनके चेहरे खिल उठे। सुशासन तिहार के माध्यम से सरकार जरूरतमंदों को सीधे तौर पर आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर और संसाधन भी उपलब्ध करा रही है। जनता और प्रशासन के बीच की यह सीधी और पारदर्शी कढ़ी आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को एक समृद्ध और विकसित राज्य बनाने की दिशा में सबसे मजबूत मील का पत्थर साबित होगी।

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