सीएम साय का कड़ा रुख: संभागीय समीक्षा बैठक में अफसरों को निर्देश; बोले— किसानों को खाद-बीज की कमी हुई तो कलेक्टर होंगे जिम्मेदार
गरियाबंद में रायपुर संभाग की हाई-लेवल मीटिंग; तेल नदी पर एनीकट निर्माण के लिए 7 करोड़ रुपये मंजूर, छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देने की हिदायत

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृषि सीजन की शुरुआत को देखते हुए प्रशासनिक अमले को सख्त हिदायत दी है। गरियाबंद जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित रायपुर संभाग के जिलों की एक महत्वपूर्ण संभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सोसायटियों और केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में भंडारण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा कि छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए और यदि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या कमी पाई गई, तो इसकी सीधी जवाबदेही संबंधित जिले के कलेक्टरों की होगी।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों में चल रहे विकास कार्यों, कानून व्यवस्था और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की। इस बैठक में गरियाबंद जिले के निवासियों को एक बड़ी सौगात देते हुए मुख्यमंत्री ने तेल नदी पर एनीकट (जल संवर्धन संरचना) निर्माण के लिए 7 करोड़ रुपये की राशि तत्काल स्वीकृत करने की घोषणा की। इस एनीकट के बनने से क्षेत्र के जलस्तर में सुधार होगा और स्थानीय किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को इस परियोजना का काम जल्द से जल्द और पूरी गुणवत्ता के साथ शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
इस हाई-लेवल बैठक में रायपुर संभाग के कमिश्नर, आईजी, गरियाबंद सहित संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP) और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को फील्ड पर सक्रिय रहने और आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने को कहा। उन्होंने साफ किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है, इसलिए प्रशासनिक अधिकारी योजनाओं की कड़ाई से मॉनिटरिंग करें। खाद-बीज के वितरण में किसी भी तरह की कालाबाजारी या किल्लत की शिकायत मिलने पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।




