मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल: दिल्ली के भारत मंडपम में बोले सीएम विष्णुदेव साय
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के पूरे हुए 12 साल; मुख्यमंत्री ने गिनाईं छत्तीसगढ़ की उपलब्धियां, 'नियद नेल्ला नार' और 'पीएम जनमन' से बदल रही बस्तर की तस्वीर

Bol Bharat 24 News, रायपुर: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर देश की राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विशेष रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आत्मीय बधाई दी और उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्ष देश के जनजातीय (आदिवासी) समाज के सम्मान, सशक्तिकरण और चहुंमुखी विकास के लिए वास्तविक मायनों में ‘स्वर्णकाल’ साबित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र की नीतियों के कारण ही आज देश का आदिवासी समाज मुख्यधारा से जुड़कर देश के विकास में अपना योगदान दे रहा है।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी सुरक्षा रणनीति के कारण छत्तीसगढ़ को दशकों पुरानी नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिली है। नक्सल हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित रहने वाला हमारा जनजातीय समुदाय अब भयमुक्त होकर शांति, सुरक्षा और प्रगति के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि बस्तर में ‘नियद नेल्ला नार’ (आपका अच्छा गांव) और ‘बस्तर मुन्ने’ जैसे अभिनव अभियानों के माध्यम से सरकारी योजनाओं को सैचुरेशन मोड (शत-प्रतिशत) में लागू किया जा रहा है। साथ ही, अब वहां सुरक्षा शिविरों को ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित कर ग्रामीणों को राशन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे दी जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने आदिवासियों के गौरव को पुनर्जीवित करने के लिए भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने, ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ और ‘पीएम जनमन योजना’ जैसी ऐतिहासिक पहलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश को पहली जनजातीय महिला राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी मुर्मु का मिलना करोड़ों आदिवासियों के स्वाभिमान का प्रतीक है। राज्य में आदिवासियों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पेसा कानून का प्रभावी क्रियान्वयन, लघु वनोपज की रिकॉर्ड खरीदी और कृषक उन्नति योजना चलाई जा रही है। साथ ही, नवा रायपुर में ट्राइबल म्यूजियम व शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय के निर्माण के साथ बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों ने दुनिया के सामने बदलते और मुस्कुराते बस्तर की नई तस्वीर पेश की है।



