छत्तीसगढ़

पेड़ काटने के बजाय दूसरी जगह करें शिफ्ट: मुंगेली में सड़क चौड़ीकरण के बीच पर्यावरण प्रेमी ने सुशासन तिहार में लगाई गुहार

लोरमी में विकास की भेंट चढ़ रहे हरे-भरे पेड़ों को देखकर आहत हुए मनमोहन दास; प्राचीन बरगद को बचाने के लिए प्रशासन को सौंपा अनोखा आवेदन

Bol Bharat 24 News, मुंगेली: छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी इलाके से पर्यावरण संरक्षण की एक बेहद अनोखी और दिल को छू लेने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां राज्य सरकार द्वारा आयोजित ‘सुशासन तिहार’ के तहत लगे जनसमस्या निवारण शिविर में एक जागरूक नागरिक ने अपनी किसी व्यक्तिगत समस्या के बजाय पर्यावरण को बचाने के लिए एक अनोखा आवेदन सौंपकर सबको हैरान कर दिया। लोरमी क्षेत्र के रहने वाले पर्यावरण प्रेमी मनमोहन दास ने शिविर में पहुंचकर अधिकारियों के सामने एक विशेष प्रजाति के विशालकाय बरगद के पेड़ को कटने से बचाने की भावुक गुहार लगाई है। उनके इस अनूठे आवेदन की चर्चा अब पूरे जिले में जोरों पर है।

आवेदन में मनमोहन दास ने बताया कि वर्तमान में लोरमी क्षेत्र के अंतर्गत विकास कार्यों और सड़क चौड़ीकरण के नाम पर अंधाधुंध तरीके से बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ों की कटाई की जा रही है, जिससे स्थानीय पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र को भारी नुकसान पहुंच रहा है। इसी सड़क चौड़ीकरण की जद में एक बेहद पुराना, विशाल और ऐतिहासिक महत्व का बरगद का पेड़ भी आ रहा है। पर्यावरण प्रेमी का कहना है कि इस प्राचीन पेड़ को कुल्हाड़ी से काटने के बजाय आधुनिक तकनीकों (ट्री ट्रांसप्लांटेशन) का उपयोग करके किसी दूसरी सुरक्षित जगह पर वैज्ञानिक तरीके से शिफ्ट कर दिया जाना चाहिए, ताकि इसकी जान बच सके।

मनमोहन दास के मुताबिक, यह बरगद का पेड़ न केवल दशकों पुराना है, बल्कि इस पर सैकड़ों पक्षियों और जीवों का बसेरा भी है, जिसे काटना प्रकृति के साथ बहुत बड़ा अन्याय होगा। सुशासन तिहार शिविर में मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने इस संवेदनशील और अनोखे आवेदन को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि वे इस दिशा में वन विभाग और तकनीकी टीम से चर्चा करेंगे कि क्या पेड़ को सुरक्षित रूप से री-लोकेट (शिफ्ट) किया जा सकता है। इस घटना ने एक बार फिर विकास की अंधी दौड़ के बीच पर्यावरण को बचाने की एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

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