छत्तीसगढ़

जल जीवन मिशन से बदली वनांचल की तस्वीर: घर-घर पहुंचे नल, डिप्टी सीएम अरुण साव के सामने छलक आई कमली की खुशी

बस्तर के दुगनपाल गांव में नल की धार देख भावुक हुई आधी आबादी; पानी के दैनिक संघर्ष से मिली मुक्ति, सेहत और सम्मान का नया सवेरा

Bol Bharat 24 News, रायपुर/बस्तर: छत्तीसगढ़ के वनांचल और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में ‘जल जीवन मिशन’ महज एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सम्मान, सेहत और सहूलियत का एक नया सवेरा लेकर आया है। रोज सुबह उठते ही घर के आंगन में लगे नल से साफ और सुरक्षित पानी आते देखने की खुशी क्या होती है, इसे बस्तर जिले के तोकापाल विकासखण्ड के ग्राम दुगनपाल की रहने वाली कमली से बेहतर कोई नहीं समझ सकता। अपने चार दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री और उप मुख्यमंत्री अरुण साव जब जमीनी हकीकत जानने कमली के गांव पहुंचे, तो आंगन में नल से बहती पानी की धार को दिखाते हुए कमली की आंखें खुशी से डबडबा गईं। यह भावुक पल इस बात का गवाह है कि कैसे एक बुनियादी सुविधा ने वनांचल की महिलाओं की जिंदगी बदल दी है।

परंपरागत रूप से गांवों में पूरे परिवार के लिए पानी का इंतजाम करने का पूरा जिम्मा महिलाओं के कंधों पर ही रहा है। भीषण गर्मी के दिनों में जब स्थानीय जलस्रोत सूख जाते थे, तब सिर पर बर्तन रखकर कई किलोमीटर का सफर तय करना महिलाओं की मजबूरी और हर दिन का एक कड़ा संघर्ष बन जाता था। दुगनपाल में भी महिलाओं को रोज हैंडपंप और कुओं के चक्कर काटने पड़ते थे, जिससे उनके दिन के कई अमूल्य घंटे इसी श्रमसाध्य कार्य में नष्ट हो जाते थे। छत्तीसगढ़ में अब तक साढ़े आठ हजार से अधिक ऐसी ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को सफलतापूर्वक पूर्ण कर संचालन के लिए ग्राम पंचायतों को सौंपा जा चुका है, जिससे महिलाओं को इस रोज-रोज की तकलीफ और चिंता से हमेशा के लिए निजात मिल गई है।

घर पर ही बारहों महीने शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होने से न केवल महिलाओं के समय और श्रम की बचत हो रही है, बल्कि इसका सीधा सकारात्मक असर उनके स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन पर भी पड़ रहा है। अब महिलाएं बचे हुए समय का उपयोग बच्चों की बेहतर परवरिश, खेती-बाड़ी और आजीविका के अन्य साधनों में कर पा रही हैं। इसके अलावा, गर्मियों में जलस्तर नीचे गिरने और बरसात में प्रदूषित पानी के सेवन से होने वाली पेट व त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा भी अब पूरी तरह टल गया है। जल जीवन मिशन के माध्यम से घर-घर पहुंच रहा स्वच्छ जल आज वनांचल की आधी आबादी को एक स्वस्थ, सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन की सौगात दे रहा है।

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