छत्तीसगढ़

Massacre: कटगोड़ी हत्याकांड में करणी सेना और शिवसेना की एंट्री; कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, CBI जांच और फांसी की मांग

सुलगता कोरिया: रायपुर से पहुंचे संगठनों के पदाधिकारियों ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात; आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की भी उठी मांग।

कोरिया: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बहुचर्चित और जघन्य कटगोड़ी हत्याकांड को लेकर अब प्रदेश की राजनीति और सामाजिक हलकों में आक्रोश की आग तेज हो गई है। इस पूरे मामले में अब राष्ट्रीय करणी सेना और शिवसेना की आधिकारिक एंट्री हो गई है। राजधानी रायपुर से कोरिया पहुंचे दोनों ही प्रमुख संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारियों और कड़े तेवर वाले नेताओं के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। वहां उन्होंने पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और इस दुख की घड़ी में हर संभव सामाजिक व कानूनी लड़ाई लड़ने का भरोसा दिया। इस दौरान न्याय की मांग को लेकर बड़ी संख्या में स्थानीय समर्थक और ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे।

पीड़ित परिवार से मुलाकात करने और घटना की भयावहता को करीब से समझने के बाद करणी सेना और शिवसेना का यह संयुक्त प्रतिनिधिमंडल सीधे जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचा। यहां उन्होंने कानून व्यवस्था और न्याय प्रक्रिया को लेकर जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार के नाम एक कड़ा ज्ञापन सौंपा। सौंपे गए इस आधिकारिक ज्ञापन में संगठनों ने कटगोड़ी हत्याकांड की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय सीबीआई (CBI) जांच कराने की पुरजोर मांग की है। नेताओं का कहना है कि स्थानीय स्तर पर इस मामले के कई पहलुओं को दबाने का प्रयास किया जा सकता है, इसलिए केंद्रीय एजेंसी से जांच कराना बेहद जरूरी है।

ज्ञापन में केवल जांच की मांग ही नहीं की गई है, बल्कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर इस जघन्य अपराध के मुख्य आरोपियों और सह-आरोपियों के अवैध ठिकानों व मकानों पर तत्काल ‘बुलडोजर कार्रवाई’ करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। संगठनों के पदाधिकारियों ने दोटूक शब्दों में कहा कि समाज में ऐसे हैवानों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए और इस मामले की पैरवी फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर के सभी दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा (मृत्युदंड) दिलाई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा खौफनाक कदम उठाने की हिम्मत न कर सके।

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इस बड़े प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की, जिससे प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप की स्थिति बनी रही। करणी सेना और शिवसेना के कड़े रुख को देखते हुए जिला प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर इसे उच्च अधिकारियों और राज्य शासन तक उचित वैधानिक कार्रवाई के लिए आगे भेजने का आश्वासन दिया है। इस हत्याकांड को लेकर स्थानीय नागरिकों में पहले से ही भारी रोष व्याप्त है और अब बड़े संगठनों के समर्थन में आने से प्रशासन पर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी शिकंजा कसने का भारी दबाव बन गया है।

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