सड़क खराब करने वाले ट्रैक्टरों पर कस गया शिकंजा: आयरन केजव्हील लगाकर रोड पर दौड़े तो खैर नहीं, परिवहन विभाग ने दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश
परिवहन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में एक्शन मोड में विभाग; आरटीओ को मिले सड़कों पर तत्काल रोक लगाने के आदेश

रायपुर: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व और परिवहन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सड़क सुरक्षा (Road Safety) और मोटर वाहन नियमों के कड़ाई से पालन के लिए बेहद गंभीर नजर आ रही है। इसी कड़ी में परिवहन विभाग ने डामर और कंक्रीट की सड़कों को नुकसान पहुंचाने वाले तथा दुर्घटनाओं को न्योता देने वाले आयरन केजव्हील (लोहे के पिंजरे वाले चक्के) ट्रैक्टरों के खिलाफ एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। विभाग ने बिना रबर टायर वाले इन दोहरे लोहे के पहियों वाले ट्रैक्टरों के सामान्य सड़कों पर संचालन को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं।
परिवहन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों (RTO), जिला परिवहन अधिकारियों और उड़नदस्ता प्रभारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे ट्रैक्टरों के सड़क पर उतरने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाएं। अक्सर देखा जाता है कि खेती-किसानी और जुताई के दिनों में खेतों से सीधे लोहे के केजव्हील लगे ट्रैक्टरों को मुख्य सड़कों पर दौड़ाया जाता है, जिससे करोड़ों रुपये की लागत से बनी पक्की सड़कें पूरी तरह से उखड़ जाती हैं और क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इसके अलावा, ये पहिए सड़कों पर अनियंत्रित होकर गंभीर हादसों की वजह भी बनते हैं।
परिवहन विभाग के आला अधिकारियों ने दोटूक शब्दों में कहा है कि यदि कोई भी ट्रैक्टर संचालक नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया गया, तो मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicle Act) की गंभीर धाराओं के तहत भारी-भरकम जुर्माना लगाने के साथ-साथ ट्रैक्टर को जब्त करने की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने ट्रैक्टर मालिकों और किसानों से भी अपील की है कि वे खेतों में काम खत्म होने के बाद केजव्हील को निकालकर सामान्य रबर टायरों का इस्तेमाल करने के बाद ही ट्रैक्टर को मुख्य सड़कों पर लेकर आएं, ताकि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और राहगीरों का सफर महफूज रहे।


