CG Govt Employee Loan Scheme: शासकीय सेवकों के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा फैसला, लॉन्च की सैलरी एडवांस शॉर्ट-टर्म लोन डिजिटल फैसिलिटी
आकस्मिक जरूरतों के लिए अब नहीं काटना पड़ेगा साहूकारों का चक्कर, ई-कोष पोर्टल से बिना ब्याज सीधे बैंक खाते में आएगी राशि

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के शासकीय सेवकों के लिए “वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना” का भव्य शुभारंभ किया है। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने योजना के ब्रोशर का विमोचन करते हुए इसे सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की दिशा में एक मील का पत्थर बताया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शासकीय कर्मचारियों को किसी भी आकस्मिक या आपातकालीन स्थिति में बिना किसी अनावश्यक कागजी कार्रवाई के त्वरित, सहज और सम्मानजनक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कर्मचारी राज्य के विकास की रीढ़ हैं और जब वे आर्थिक चिंताओं से मुक्त होंगे, तभी शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जानकारी दी कि ई-कोष प्रणाली से एकीकृत यह डिजिटल व्यवस्था पूरी तरह पेपरलेस, सुरक्षित और पारदर्शी है, जिससे राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा। पायलट चरण के मात्र दो महीनों के भीतर ही 73 हजार से अधिक कर्मचारियों ने इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है, जिनमें से 27 हजार कर्मचारी इस ब्याज-मुक्त तात्कालिक वित्तीय सहायता का लाभ भी उठा चुके हैं।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी संघ के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा और अन्य कर्मचारी संगठनों ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है। वित्त विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार, कर्मचारी ई-कोष के ‘एम्प्लॉयी कॉर्नर’ में जाकर ई-केवाईसी और डिजिटल प्रमाणीकरण के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के उच्च मानकों के साथ तैयार की गई इस व्यवस्था से अब कर्मचारियों को आकस्मिक जरूरतों के लिए निजी साहूकारों या ऊंची ब्याज दरों के चंगुल में फंसने से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।



