छत्तीसगढ़

CG Industrial Accident Update: धरसीवां के बेंद्री ब्लास्ट मामले में बड़ा मुआवजा घोटाला, मृतक आदिवासी श्रमिकों के हक की राशि में कटौती पर मचेगा बवाल

3D इनोवेशन फैक्ट्री धमाके में 30-30 लाख रुपये का हुआ था ऐलान, लेकिन पीड़ित आदिवासी परिवारों को थमाए सिर्फ 21-21 लाख

धरसीवां। उरला क्षेत्र के बेंद्री स्थित 3D इनोवेशन फैक्ट्री में हुए भीषण ब्लास्ट मामले में एक बड़ा मुआवजा घोटाला सामने आया है। इस दर्दनाक हादसे में मध्य प्रदेश के दो आदिवासी श्रमिकों सहित कुल तीन मजदूरों की मौत हुई थी। घटना के बाद मृतकों के परिजनों के लिए 30-30 लाख रुपये की मुआवजा राशि का ऐलान किया गया था, लेकिन अब आरोप लग रहे हैं कि आदिवासी मृतकों के परिवारों के साथ छल करते हुए उन्हें केवल 21-21 लाख रुपये ही दिए गए हैं। इस भेदभाव और कटौती के बाद स्थानीय प्रशासन और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

यह पूरी घटना 7 जुलाई 2026 की शाम करीब सात बजे धरसीवां विधानसभा के बेंद्री गांव में स्थित थ्री डी इनोवेशन फैक्ट्री में हुई थी, जहां अचानक एक ऑक्सीजन सिलेंडर में जबरदस्त ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना वीभत्स और शक्तिशाली था कि काम कर रहे तीनों श्रमिकों के शरीर के चीथड़े उड़ गए थे। इस हृदयविदारक हादसे को जिसने भी देखा उसकी आंखें नम हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर कई श्रमिक संगठन, जनप्रतिनिधि और विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग पहुंचे थे, जिन्होंने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और उचित मुआवजे की मांग को लेकर भारी हंगामा किया था।

शुरुआती हंगामे और दबाव के बाद फैक्टरी प्रबंधन और प्रशासनिक मध्यस्थता में 30-30 लाख रुपये का मुआवजा देने पर सहमति बनी थी। लेकिन अब मुआवजा वितरण में आदिवासियों के साथ हुए इस धोखे ने मामले को फिर से गरमा दिया है। श्रमिक संगठनों और स्थानीय नेताओं का कहना है कि गरीब और सीधे-साधे आदिवासी परिवारों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनके हक की राशि में कटौती की गई है। इस विसंगति को लेकर अब दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित आदिवासी परिवारों को पूरी मुआवजा राशि तुरंत भुगतान करने की मांग तेज हो गई है।

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