छत्तीसगढ़

Colony Completion Certificate Strict Rules: कॉलोनी पूर्णता प्रमाण पत्र के लिए बिल्डरों को न घुमाएं; महापौर मीनल चौबे के नगर निवेश अधिकारियों को कड़े निर्देश

Raipur Municipal Corporation Mayor Meeting: 2 महीने में स्वीकृत करें या कारण बताकर निरस्त करें; नियमविरुद्ध अनुशंसा पर जोन कमिश्नर को जारी होगा कारण बताओ नोटिस

रायपुर न्यूज़: राजधानी रायपुर में कॉलोनाइजरों और बिल्डरों को कॉलोनी पूर्णता प्रमाण पत्र (Completion Certificate) देने में हो रही देरी तथा प्रक्रियात्मक मनमानी को लेकर नगर निगम महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सख्त रुख अपनाया है। महापौर ने निगम मुख्यालय में नगर निवेश विभाग (Town Planning Department) के उच्च अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि निर्माण कार्य नियमानुसार हुआ है तो समय पर प्रमाण पत्र जारी करें, अन्यथा कमियों का उल्लेख कर आवेदन निरस्त करें, लेकिन किसी को अकारण न घुमाएं।

महापौर कक्ष में आयोजित बैठक के दौरान महापौर मीनल चौबे ने निम्नलिखित मुख्य निर्देश जारी किए:

2 माह की समय-सीमा तय: कॉलोनी पूर्णता अनुमति के आवेदनों को बेवजह लटकाने की प्रथा पर रोक लगाते हुए 2 महीने (60 दिन) के भीतर नियमानुसार स्वीकृति देने या कमियों का उल्लेख कर आवेदन निरस्त करने के निर्देश दिए गए।

बंधक संपत्ति (Mortgage Property) पर सख्ती: कॉलोनाइजरों से नियमानुसार 12.50 प्रतिशत संपत्ति का बंधक (मॉर्टगेज) करने के बाद ही विकास अनुमति दी जाए। पार्ट-पार्ट (किश्तों) में बंधक संपत्ति को मुक्त करने की व्यवस्था को तत्काल बंद करने और संपूर्ण विकास कार्य पूरा होने के बाद ही संपत्ति मुक्त करने के निर्देश दिए गए।

जोन स्तर पर होगी कार्रवाई: यदि जोन कार्यालयों से कॉलोनी पूर्णता प्रमाण पत्र के लिए भेजी गई अनुशंसा नियमानुसार सही नहीं पाई जाती है, तो संबंधित जोन कमिश्नर और नगर निवेश अभियंताओं को नगर निगम अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर लिखित स्पष्टीकरण लिया जाएगा।

साइट विजिट अनिवार्य: अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कॉलोनी निर्माण के दौरान ही समय-समय पर साइट विजिट कर विकास कार्यों की समीक्षा करें।

इस समीक्षा बैठक में नगर निगम अपर आयुक्त (नगर निवेश) श्री पंकज के. शर्मा, नगर निवेशक श्री आभास मिश्रा, सहायक नगर निवेशक श्री आशुतोष सिंह, सहायक अभियंता श्री नितिश झा तथा उपअभियंतागण उपस्थित रहे।

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