Ease of Doing Business Chhattisgarh : मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट 2026’ की कार्यकारी समिति की बैठक संपन्न
उद्योगों और व्यवसायों के लिए जोखिम-आधारित वर्गीकरण और समयबद्ध मंजूरियों पर मंथन। निवेशकों को पारदर्शी और सुगम वातावरण देने पर जोर।

Ease of Doing Business Chhattisgarh रायपुर, 5 नवंबर 2026। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026’ के अंतर्गत गठित कार्यकारी समिति की प्रथम बैठक संपन्न हुई। बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग सहित राज्य शासन के विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित किए जा रहे सुधार प्रस्तावों, जोखिम-आधारित वर्गीकरण तथा ईओडीबी (EoDB) नियमों के चरणबद्ध क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति की विस्तृत एवं गहन समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान प्रस्तुत कार्ययोजना के अनुसार, उद्योगों एवं व्यवसायों को उनके संचालन के लिए भवनों के स्वरूप और निर्मित क्षेत्र के आधार पर कम जोखिम (स्व-प्रमाणीकरण), मध्यम जोखिम (थर्ड पार्टी सर्टिफिकेशन) और उच्च जोखिम (भौतिक निरीक्षण के बाद त्वरित स्वीकृति) के तहत समयबद्ध मंजूरियों के नियमों पर विस्तार से चर्चा हुई। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला सशक्त समिति, कार्यकारी परिषद और कार्यकारी समिति की प्रक्रियाओं को समय-सीमा के भीतर अधिसूचित कर दिया गया है।
प्रमुख विभागों के सुधारों की समीक्षा
बैठक में नगरीय प्रशासन, आबकारी, आवास एवं पर्यावरण, उद्योग, गृह-अग्निशमन, संस्कृति, जल संसाधन तथा लोक निर्माण विभागों के जोखिम वर्गीकरण, लोक सेवा गारंटी समय-सीमा और सिंगल विंडो पोर्टल एकीकरण की स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग ईओडीबी नियमों के प्रारूप पर अपने अंतिम सुझाव त्वरित रूप से प्रेषित करें, ताकि निवेशकों को अनावश्यक प्रक्रियाओं से मुक्ति मिल सके और प्रदेश में सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों को पारदर्शी तथा डिजिटल वातावरण मिल सके।
इस उच्चस्तरीय बैठक में गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, विधि एवं विधायी सचिव मनीष कुमार ठाकुर, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, सामान्य प्रशासन सचिव अविनाश चम्पावत, वाणिज्य एवं उद्योग सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, श्रम सचिव हिमशिखर गुप्ता, और ऊर्जा सचिव डॉ. सारांश मित्तर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



