जिला सहकारी बैंक को 216 करोड़ का ऐतिहासिक लाभ: ‘सहकारी सप्ताह’ के समापन पर मंत्री केदार कश्यप ने किया छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का अनावरण
केंद्रीय मंत्री अमित शाह के संबोधन का हुआ सीधा प्रसारण; सहकारिता मंत्री केदार कश्यप की किसानों से अपील— रासायनिक खाद छोड़ें, 'क्वांटिटी' नहीं 'क्वॉलिटी' खेती पर दें जोर

रायपुर, 7 जुलाई 2026। भारत सरकार द्वारा गठित ‘सहकारिता मंत्रालय’ की स्थापना के सफल 5 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित “सहकारी सप्ताह” का सोमवार को जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक रायपुर के प्रांगण में भव्य समापन हुआ। इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के सहकारिता एवं वन मंत्री केदार कश्यप उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों द्वारा बैंक के संस्थापक वामन बलीराम लाखे के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर समारोह की शुरुआत की गई। इसके साथ ही बैंक परिसर में भव्य ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की प्रतिमा का गरिमामय अनावरण भी किया गया।
रायपुर जिला सहकारी बैंक को 216 करोड़ का बंपर लाभ
समारोह में बैंक की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) अपेक्षा व्यास ने प्रगति प्रतिवेदन पढ़ते हुए बैंक की शानदार वित्तीय उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष (31 मार्च 2026) की स्थिति में बैंक ने 216 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक सकल लाभ अर्जित किया है, जो सहकारिता के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।
केंद्र सरकार की ‘सहकार से समृद्धि’ योजना के तहत रायपुर बैंक द्वारा कई बड़े कार्य किए जा रहे हैं:
माइक्रो एटीएम: बैंक से जुड़ी 682 सहकारी समितियों और 98 डेयरी समितियों में माइक्रो एटीएम का सफल संचालन किया जा रहा है।
कॉमन सर्विस सेंटर (CSC): इन समितियों के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को 32 जरूरी डिजिटल सेवाएं सीधे गांवों में दी जा रही हैं।
जन औषधि केंद्र: 12 प्राथमिक सहकारी समितियों द्वारा ग्रामीणों को सस्ता इलाज उपलब्ध कराने के लिए जन औषधि केंद्रों का संचालन किया जा रहा है।
उज्ज्वला योजना: दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों की 10 सहकारी समितियों के माध्यम से एलपीजी गैस का वितरण सुचारू रूप से किया जा रहा है। इसके साथ ही पैक्स (PACS) का कंप्यूटरीकरण करते हुए 132 नवीन सहकारी समितियों का गठन किया गया है।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह के भाषण का सीधा प्रसारण
समारोह के दौरान देश के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के दिल्ली से दिए गए भाषण का यूट्यूब चैनल के माध्यम से सीधा प्रसारण किया गया। अपने संबोधन में अमित शाह ने सहकारिता के क्षेत्र में हुए क्रांतिकारी बदलावों का जिक्र किया, जिसमें 50,000 पैक्स को ई-पैक्स में बदलना, त्रिभुवन सहकारिता विश्वविद्यालय की स्थापना, दुनिया की सबसे बड़ी अन्न गोदाम श्रृंखला का निर्माण और देश भर में ‘भारत टैक्सी सेवा’ की शुरुआत जैसे ऐतिहासिक कार्य शामिल हैं।
“मात्रा नहीं, गुणवत्ता वाली खेती पर दें ध्यान”
सहकारिता मंत्री का संदेश: सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में सफल कार्यक्रम और बंपर लाभ के लिए पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पैक्स, डेयरी और मत्स्य पालन जैसी लगभग 1300 नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने बस्तर से लेकर सरगुजा तक के किसानों से अपील की कि वे रासायनिक खादों पर अपनी निर्भरता कम करें और जैविक व प्राकृतिक खेती को अपनाएं। उन्होंने कहा कि अब किसानों को “क्वांटिटी (मात्रा) के स्थान पर क्वॉलिटी (गुणवत्ता)” वाली खेती पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
अन्नदाता को कर्ज मुक्त बनाने का संकल्प
विशिष्ट अतिथि और सहकार भारती के प्रदेश महामंत्री कनीराम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना से वर्ष 2021 में सहकारिता मंत्रालय बना था। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें इस दिशा में काम करना होगा ताकि हमारे अन्नदाता (किसानों) को कभी कर्ज लेने की आवश्यकता ही न पड़े। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष केदार नाथ गुप्ता ने भी सहकारिता के क्षेत्र में पारदर्शिता और कृषि नवाचार पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सहकारी बैंक रायपुर के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा ने की, वहीं उपाध्यक्ष अभिनेष कश्यप ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस भव्य समारोह में जिला सहकारी बैंक दुर्ग के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन, राजनांदगांव के अध्यक्ष सचिन बघेल, सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण दुबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, उपाध्यक्ष संदीप यदु, सहकारिता विभाग की संयुक्त आयुक्त किरण गुप्ता, अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक के.एन. कांडे सहित बड़ी संख्या में अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन अनुराधा शुक्ला द्वारा और आभार प्रदर्शन बैंक के वरिष्ठ अधिकारी एस.पी. चंद्राकर द्वारा किया गया।



