छत्तीसगढ़ कांग्रेस की ‘कप्तानी’ पर शुरू हुआ घमासान: दीपक बैज के बाद कौन? बीजेपी के तंज पर चरणदास महंत ने किया पलटवार
जुलाई में खत्म हो रहा है पीसीसी चीफ का कार्यकाल; स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कसा गुटबाजी का तंज, तो नेता प्रतिपक्ष ने दिया करारा जवाब

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में इन दिनों मानसून की आहट से पहले ही राजनीतिक पारा चरम पर पहुंच गया है। मामला कांग्रेस संगठन के सबसे बड़े पद यानी प्रदेशाध्यक्ष (PCC Chief) की कुर्सी से जुड़ा है। वर्तमान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल आगामी जुलाई माह में समाप्त होने जा रहा है, जिसके बाद से ही नए चेहरे की ताजपोशी को लेकर अटकलों और लॉबिंग का बाजार बेहद गर्म है। इसी सांगठनिक बदलाव की सुगबुगाहट के बीच अब सत्तापक्ष (भाजपा) और विपक्ष (कांग्रेस) के दिग्गज नेताओं के बीच तीखी जुबानी जंग और हाई-प्रोफाइल बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।
इस पूरे विवाद को हवा तब मिली जब प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मीडिया से चर्चा के दौरान कांग्रेस संगठन पर तीखा हमला बोला। भाजपा मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में गुटबाजी इस कदर हावी है कि नए अध्यक्ष का चुनाव करना उनके लिए एक बड़ी सिरदर्दी बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर कई धड़े सक्रिय हैं जो एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हैं, ऐसे में नए अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद पार्टी में आंतरिक कलह और ज्यादा खुलकर सामने आएगी।
भाजपा के इस तीखे हमले पर कांग्रेस ने भी बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. चरणदास महंत ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए सत्तापक्ष पर तगड़ा पलटवार किया। महंत ने बीजेपी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक और मजबूत विचारधारा वाली पार्टी है, जहां संगठन के निर्णय आंतरिक सहमति से होते हैं। उन्होंने सत्तापक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि बीजेपी को कांग्रेस की अंदरूनी सांगठनिक प्रक्रियाओं पर चिंता करने के बजाय अपनी सरकार चलाने और जनता के वादों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। जुलाई में होने वाले इस संभावित सांगठनिक फेरबदल ने छत्तीसगढ़ की राजनीति को पूरी तरह से गरमा दिया है।



