छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग में बड़ा खेल! एमपी में जो दवा कंपनी हुई ब्लैकलिस्ट, उससे यहां हर महीने हो रही ₹6 करोड़ की सरकारी खरीदी

लापरवाही की हद: लगातार 3 बैच फेल होने पर मध्यप्रदेश ने लगाया था प्रतिबंध, छत्तीसगढ़ में अमानक दवाइयों की सप्लाई के बावजूद धड़ल्ले से जारी है अनुबंध

रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य महकमे से एक बेहद चौंकाने वाला और मरीजों की सेहत से खिलवाड़ करने वाला बड़ा मामला प्रकाश में आया है। पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में घटिया और अमानक दवाइयों की सप्लाई करने के गंभीर आरोप में तीन साल के लिए प्रतिबंधित (ब्लैकलिस्ट) की गई दवा निर्माता कंपनी ‘यूनिकेयर इंडिया लिमिटेड’ पर छत्तीसगढ़ की सरकार मेहरबान है। इस दागी कंपनी से प्रदेश में हर महीने लगभग छह करोड़ रुपये की दवाइयों की भारी-भरकम खरीदी धड़ल्ले से जारी है, जिसने सरकारी कड़े नियमों और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पूरा मामला दवाइयों की गुणवत्ता से जुड़ा है। मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कार्पोरेशन लिमिटेड (MPPHSCL) ने लैक्टुलोज दवा के गुणवत्ता परीक्षण (Quality Test) में लगातार तीन बैच पूरी तरह फेल पाए जाने के बाद एक बड़ा कदम उठाया था। एमपी सरकार ने इस कंपनी की लापरवाही को जनस्वास्थ्य के लिए खतरनाक मानते हुए इसे आगामी 3 वर्षों के लिए प्रतिबंधित करने का कड़ा आदेश इसी वर्ष 8 मई 2026 को जारी किया था। नियमानुसार, किसी एक राज्य में ब्लैकलिस्ट होने पर अन्य राज्यों में भी कंपनी के टेंडर और सप्लाई की समीक्षा की जाती है, लेकिन छत्तीसगढ़ में ऐसा नहीं हुआ।

चौंकाने वाली बात यह है कि मध्यप्रदेश में पूरी तरह बैन होने और दवाओं के सैंपल अमानक पाए जाने के बावजूद छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग और संबंधित क्रय एजेंसी ने कंपनी के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस अमानक दवा की सप्लाई और करोड़ों रुपये के भुगतान का खेल बदस्तूर जारी है, जो सीधे तौर पर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले गरीब मरीजों की जान को जोखिम में डाल रहा है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद अब प्रदेश के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग उठने लगी है।

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