छत्तीसगढ़

Chhattisgarh Policy News: नीतिगत बदलावों से विकास को नई रफ्तार, किसान, महिला, युवा और उद्योग समेत हर क्षेत्र पर असर

Chhattisgarh Policy News: छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों के दौरान किए गए नीतिगत बदलावों और जनकल्याणकारी फैसलों का असर विभिन्न क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। सरकार ने एक ओर किसानों, महिलाओं, गरीबों और युवाओं से जुड़ी योजनाओं को तेजी से लागू किया है, वहीं दूसरी ओर उद्योग, शिक्षा, खनिज, डिजिटल गवर्नेंस और बस्तर के विकास के लिए दीर्घकालिक नीतिगत बदलावों पर भी जोर दिया है। प्रशासनिक पारदर्शिता, सुशासन और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के प्रयासों के साथ राज्य में विकास की नई दिशा तैयार करने का दावा किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री आवास से लाखों परिवारों को मिला पक्का घर

सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख से अधिक जरूरतमंद परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत अब तक 24.40 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। प्रदेश में औसतन करीब 1,600 आवास प्रतिदिन पूरे किए जा रहे हैं। पुराने और नए स्वीकृत आवासों को मिलाकर ढाई वर्षों में 11 लाख से अधिक घर लाभार्थियों को सौंपे जाने की जानकारी दी गई है।

धान खरीदी में किसानों को मिला सीधा आर्थिक लाभ

धान खरीदी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनाने के लिए किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान बेचने की सुविधा दी गई। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25.24 लाख किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया। समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना को मिलाकर किसानों को करीब 43,723 करोड़ रुपये की राशि दिए जाने की जानकारी दी गई है।

खरीदी व्यवस्था में ऑनलाइन टोकन, बायोमेट्रिक सत्यापन और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है, जिससे प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया गया है।

महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर फोकस

महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। महतारी वंदन योजना के तहत 31 किस्तों में करीब 68 लाख पात्र महिलाओं को 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे बैंक खातों में दिए जाने की जानकारी दी गई है।

प्रदेश में 13.85 लाख महिलाओं के लखपति दीदी बनने का दावा किया गया है। बिहान मिशन के माध्यम से 31 लाख से अधिक गरीब परिवारों की महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हैं। महिलाओं की संपत्ति में भागीदारी बढ़ाने के लिए रजिस्ट्री में पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत तथा स्टाम्प शुल्क में एक प्रतिशत की रियायत भी दी गई है।

बस्तर में सुरक्षा के साथ विकास को गति देने की कोशिश

बस्तर में नक्सलवाद के प्रभाव को कम करने के साथ विकास योजनाओं को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

ओरछा और जगरगुंडा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित करने की योजना है। वहीं करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से 4,824 करोड़ रुपये की ‘आजीविका उन्नयन योजना’ तैयार की गई है।

दूरदराज के क्षेत्रों में सुरक्षा कैंपों के माध्यम से सेवा एवं विकास गतिविधियों को बढ़ाने के साथ मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा शुरू की गई है। सड़क, पुल, मोबाइल नेटवर्क, उचित मूल्य दुकान, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल और आंगनबाड़ी जैसी सुविधाओं के विस्तार पर भी काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किए जाने की जानकारी दी गई है।

उद्योगों के लिए आसान हुई प्रक्रियाएं

औद्योगिक क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के साथ कारोबार शुरू करने की प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर दिया गया है। राज्य में 450 से अधिक ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार लागू किए जाने की जानकारी दी गई है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट 2026 लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बनने का दावा भी किया गया है।

जन विश्वास सुधारों के तहत 279 छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, वन-क्लिक सिंगल विंडो व्यवस्था, सरल भूमि डायवर्जन और रजिस्ट्री के बाद स्वतः नामांतरण जैसे कदम उठाए गए हैं।

नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के बाद राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी दी गई है। इन प्रस्तावों से 1.72 लाख से अधिक संभावित रोजगार के अवसर बनने का अनुमान है।

नीतिगत फैसलों से व्यापक बदलाव का लक्ष्य

सरकार का फोकस केवल योजनाओं के संचालन तक सीमित न रखकर प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, निवेश का माहौल तैयार करने, ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में सुविधाएं बढ़ाने तथा युवाओं और महिलाओं को आर्थिक अवसरों से जोड़ने पर है। आने वाले समय में इन नीतिगत बदलावों का असर रोजगार, शिक्षा, कृषि, उद्योग और सामाजिक विकास के क्षेत्रों में और व्यापक होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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