छत्तीसगढ़

Convocation News: आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 504 विद्यार्थियों को मिली उपाधि, डिजिटल एडिक्शन से बचने की सलाह

Convocation News रायपुर, 12 सितंबर 2026। आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में शैक्षणिक सत्र 2025 और 2026 के विद्यार्थियों को विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इस दौरान 19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल, 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल प्रदान किए गए, जबकि स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के कुल 504 विद्यार्थियों को उपाधियां दी गईं।

डिजिटल एडिक्शन को लेकर राज्यपाल ने किया आगाह

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज के युवा इंटरनेट और तकनीक के दौर में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए इसके संतुलित और मानव हित में उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल एडिक्शन आज कई अन्य तरह की लत से भी अधिक खतरनाक हो सकता है, इसलिए विद्यार्थियों को तकनीक के लाभ लेने के साथ उसके दुष्प्रभावों से भी बचना चाहिए।

राज्यपाल ने न्यूक्लियर एनर्जी, क्लाइमेट चेंज और माइक्रोप्लास्टिक जैसी वैश्विक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि 21वीं सदी में विकास के साथ पर्यावरण और उसके व्यापक प्रभावों पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से सतत विकास को प्राथमिकता देने की अपील की।

कर्म और लक्ष्य पर ध्यान देने की सीख

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को भगवद्गीता के कर्मयोग का संदेश देते हुए कहा कि जीवन में कर्म का विशेष महत्व है। विद्यार्थियों को इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि दूसरे उनके बारे में क्या सोचते हैं। उन्हें अपने अध्ययन, लक्ष्य और जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अर्जित ज्ञान जीवन की ऐसी पूंजी है, जिसे कोई छीन नहीं सकता। विद्यार्थियों को अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर सही दिशा में आगे बढ़ने और अपने जीवन के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने की सलाह दी।

सफलता के लिए बनाएं जीवन का रोडमैप

राज्यपाल ने कहा कि डिग्री और ज्ञान का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि मानव समाज के हित में उनका उपयोग करना भी होना चाहिए। विज्ञान, तकनीक और नवाचार का लक्ष्य मानव जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए।

उन्होंने छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक संभावनाएं विकसित करने की आवश्यकता बताई। विद्यार्थियों से अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से लक्ष्य हासिल करने, नशे से दूर रहने और मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।

समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य एवं रक्षा वैज्ञानिक डॉ. वी. सतीश रेड्डी और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रोफेसर आर.पी. कौशिक ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। कुलपति प्रोफेसर डॉ. शिव दयाल पांडे ने स्वागत भाषण दिया और विश्वविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और उनके पालक मौजूद रहे।

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