Revenue Department Fraud: बेमेतरा के नायब तहसीलदार राजाराम लहरे पर रिकॉर्ड में हेरफेर का आरोप, आपराधिक केस चलाने की उठी मांग
रायपुर के शिवशंकर पाठक ने राज्य सचिव को सौंपा आवेदन, बैकडेट में आदेश दर्ज करने और दस्तावेज गायब करने की शिकायत

रायपुर: छत्तीसगढ़ के राजस्व विभाग में एक बड़ा ‘फर्जीवाड़ा’ और गड़बड़ी का मामला सामने आया है। बेमेतरा जिले के देवरबीजा उपतहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार राजाराम लहरे पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए न्यायालयीन रिकॉर्ड में हेरफेर करने, बैकडेट (पुरानी तारीखों) में आदेश दर्ज करने और महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज गायब करने जैसे कई गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले के उजागर होने के बाद से ही राजस्व महकमे में हड़कंप मच गया है।
इस गंभीर गड़बड़ी को लेकर रायपुर निवासी शिवशंकर पाठक ने मोर्चा खोला है। उन्होंने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के राज्य सचिव को एक औपचारिक आवेदन सौंपा है। इस आवेदन के माध्यम से उन्होंने लोकसेवक (नायब तहसीलदार) के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा यानी अभियोजन चलाने की पूर्व स्वीकृति देने की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पद पर रहते हुए किए गए इस कृत्य से न केवल कानून का उल्लंघन हुआ है, बल्कि आम जनता के भरोसे को भी ठेस पहुंची है।
न्यायालयीन प्रक्रियाओं और राजस्व रिकॉर्ड के साथ की गई इस कथित छेड़छाड़ के मामले को विभाग ने गंभीरता से लिया है। सचिव स्तर पर आवेदन पहुंचने के बाद अब इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेखों और राजस्व मामलों में पारदर्शिता लाने के सरकारी दावों के बीच एक जिम्मेदार अधिकारी पर लगे इन आरोपों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



