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Tulsi Plant Care Tips Monsoon : बरसात में तुलसी बनेगी पेड़ जैसी घनी और हरी-भरी! बस आजमाएं ये आसान देखभाल टिप्स

मॉनसून में तुलसी के पौधे को कीटों और फंगस से बचाकर हरा-भरा और घना बनाने के कारगर तरीके

रायपुर, 11 अगस्त। हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का विशेष धार्मिक और औषधीय महत्व है। लगभग हर घर के आंगन या बालकनी में तुलसी का पौधा देखने को मिलता है, लेकिन मॉनसून और बरसात के मौसम में सही देखभाल न मिलने के कारण तुलसी की पत्तियां झड़ने लगती हैं या पौधा सूखने लगता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के दिनों में थोड़ी सी अतिरिक्त देखभाल और सही तरीकों को अपनाकर तुलसी के पौधे को किसी बड़े पेड़ की तरह हरा-भरा, स्वस्थ और घना बनाया जा सकता है।

तुलसी को घना बनाने के लिए सबसे प्रभावी तरीका ‘पिंचिंग’ (Pinching) माना जाता है। पौधे के ऊपरी हिस्से में जब भी नई पत्तियां या मंझरी (तुलसी के बीज) निकलने लगें, तो उन्हें हल्के हाथ से काट दें। मंझरी हटाने से पौधे की ऊर्जा बीज बनाने में नष्ट नहीं होती और नई शाखाएं फूटने लगती हैं, जिससे पौधा चौड़ाई में तेजी से फैलता है। इसके अलावा, बरसात में गमले में अत्यधिक पानी रुकने न दें और जल निकासी (Drainage System) को बेहतर बनाए रखें, ताकि जलभराव से जड़ें सड़ने का खतरा न रहे।

बारिश के मौसम में कीड़े और फंगस लगने की समस्या आम बात है। इससे बचाव के लिए रासायनिक खाद के बजाय जैविक उपाय अपनाएं। महीने में एक बार मिट्टी में थोड़ी सी प्रयुक्त चाय पत्ती (धोकर सुखाई गई) या नीम खली मिलाएं, जो प्राकृतिक उर्वरक का काम करती हैं। अगर पत्तियों पर कीड़े दिखें, तो नीम के तेल या हल्दी पाउडर का पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। साथ ही, पौधे को ऐसी जगह रखें जहां उसे रोजाना 4 से 5 घंटे की पर्याप्त धूप मिल सके।

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