हाथियों का तांडव: कुंदी गांव में जंगली हाथी ने दंपती को कुचला, मौके पर ही दर्दनाक मौत, कई गांवों में हाई अलर्ट
जंगल से बाहर निकला 5 हाथियों का दल; वन विभाग ने राजपुर वन परिक्षेत्र के ग्रामीणों को दी सतर्क रहने की चेतावनी

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के उत्तरी क्षेत्र में मानव-हाथी द्वंद्व थमने का नाम नहीं ले रहा है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मंगलवार तड़के एक जंगली हाथी ने हमला कर एक ग्रामीण दंपती को मौत के घाट उतार दिया। इस भीषण हादसे के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल निर्मित हो गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए प्रभावित क्षेत्र के कई गांवों में मुनादी कराकर हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुंदी की है। मंगलवार की सुबह तड़के कुंदी गांव निवासी जूठन गोड़ और उनकी पत्नी सुंदरी बाई अपने रोजमर्रा के काम के सिलसिले में थे, तभी अचानक जंगल से निकलकर आए एक विशालकाय जंगली हाथी से उनका सामना हो गया। इससे पहले कि दंपती को संभलने या वहां से भागने का मौका मिलता, गुस्से से बिफरे हाथी ने उन पर जोरदार हमला कर दिया। हाथी ने दोनों को बेरहमी से कुचल दिया, जिससे दंपती की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में क्षेत्र के जंगलों से बाहर निकलकर 5 हाथियों का एक दल रिहायशी इलाकों के आसपास विचरण कर रहा है। इसी दल के एक हाथी ने इस खूनी वारदात को अंजाम दिया है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और स्थानीय पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शवों को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। विभाग ने राजपुर परिक्षेत्र से लगे सभी गांवों के ग्रामीणों को अकेले जंगल की ओर न जाने और हाथियों के दिखने पर उन्हें न छेड़ने की सख्त हिदायत दी है। प्रभावित परिवार को तात्कालिक सहायता राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।



