Ration Distribution Scheme:- राशन वितरण में धांधली पर लगेगी लगाम: छत्तीसगढ़ में अब अंगूठे से ही मिलेगा राशन, 5% से अधिक ओटीपी वितरण पर डीलर्स पर होगी कार्रवाई
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता लाने के लिए राज्य सरकार का कड़ा रुख; बॉयोमेट्रिक अनिवार्य, राशन दुकानों में गड़बड़ी रोकने के लिए बनाए सख्त नियम।

Bol Bharat 24 News- छत्तीसगढ़ सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीब और पात्र परिवारों को मिलने वाले सरकारी राशन की कालाबाजारी और वितरण में होने वाली गड़बड़ियों को पूरी तरह से रोकने के लिए एक बेहद कड़ा और नीतिगत फैसला लिया है। नए नियमों के मुताबिक, अब प्रदेश के सभी शासकीय उचित मूल्य की दुकानों (राशन दुकानों) से खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए हितग्राहियों को अनिवार्य रूप से बॉयोमेट्रिक सत्यापन (ई-पॉश मशीन पर अंगूठा लगाना) कराना होगा। भटगांव सहित राज्य के विभिन्न अंचलों से लगातार मिल रही राशन की हेराफेरी की शिकायतों के बाद खाद्य विभाग ने पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए यह सख्त कदम उठाया है।
इस नई व्यवस्था के तहत सरकार ने ‘ओटीपी’ (One Time Password) के माध्यम से होने वाले राशन वितरण के खेल पर पूरी तरह से अंकुश लगा दिया है। अक्सर देखा जाता था कि सर्वर डाउन होने या अंगूठे का निशान मैच न होने का बहाना बनाकर राशन डीलर मोबाइल ओटीपी के जरिए राशन बांट देते थे, जिसमें बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े की आशंका बनी रहती थी। अब सरकार ने इसके लिए एक बेहद सख्त सीमा (कैपिंग) तय कर दी है। यदि किसी भी राशन दुकान संचालक या डीलर ने अपने कुल मासिक आवंटन का 5 प्रतिशत से अधिक राशन ओटीपी के माध्यम से वितरित किया, तो इसे नियम का उल्लंघन माना जाएगा और दोषी डीलर के खिलाफ सीधे लाइसेंस निरस्त करने व कानूनी कार्रवाई की गाज गिरेगी।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कई बार बुजुर्गों, शारीरिक रूप से अक्षम नागरिकों या कड़े श्रम के कारण उंगलियों की रेखाएं मिट जाने वाले मजदूरों के अंगूठे का निशान मशीन में नहीं आता है। ऐसे वास्तविक अपवादों के लिए ही ओटीपी की सुविधा को मात्र 5 फीसदी के दायरे में सीमित रखा गया है, ताकि केवल जरूरतमंदों को ही इसका लाभ मिले और कोई भी डीलर इसका अनुचित लाभ उठाकर राशन की जमाखोरी न कर सके। इस नियम के लागू होने से राशन दुकानों में होने वाले फर्जी उठाव और बिना हितग्राही की मौजूदगी के राशन कार्ड में एंट्री करने जैसी अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लग सकेगी।
राज्य सरकार के इस सुशासन आधारित कदम से जहां एक ओर वास्तविक और गरीब कार्डधारकों को उनका पूरा राशन समय पर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर राशन माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है। सरकार ने सभी जिला खाद्य अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की राशन दुकानों का नियमित निरीक्षण करें और मशीनों में दर्ज डेटा का बारीकी से ऑडिट करें। उपभोक्ताओं को भी जागरूक किया जा रहा है कि वे राशन लेते समय स्वयं उपस्थित रहें और अपने अधिकारों का दुरुपयोग न होने दें। इस तकनीकी अपग्रेडेशन से छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली पूरे देश में पारदर्शिता का एक नया और अनुकरणीय मॉडल बनने की राह पर है।



