छत्तीसगढ़

Breaking News: सरगुजा में ईडी का बड़ा एक्शन: कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता के ठिकाने पर छापा, DMF घोटाले से जुड़े तार

अंबिकापुर स्थित 'मॉनसून एग्रो एजेंसी' पर तड़के पहुंची प्रवर्तन निदेशालय की टीम; दस्तावेजों की जांच जारी, राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप।

Bol Bharat 24 News- छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर से इस वक्त की एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। जिला खनिज न्यास मद (DMF) में हुए कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों की जांच कर रही केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने आज तड़के सरगुजा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष और कद्दावर नेता राकेश गुप्ता के व्यावसायिक ठिकानों पर अचानक दबिश दी है। ईडी की इस औचक और बड़ी कार्रवाई से न केवल कांग्रेस खेमे में बल्कि पूरे संभाग के व्यापारिक और राजनीतिक हलकों में जबरदस्त हड़कंप मच गया है।

आधिकारिक सूत्रों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ईडी के आला अधिकारियों और सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम मंगलवार सुबह-सुबह ही अंबिकापुर शहर में स्थित राकेश गुप्ता के मुख्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान ‘मॉनसून एग्रो एजेंसी’ पर पहुंची। टीम ने परिसर में दाखिल होते ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और प्रतिष्ठान के सभी प्रवेश व निकास द्वारों को सील कर दिया। इसके तुरंत बाद केंद्रीय एजेंसी के जांच अधिकारियों ने दफ्तर में मौजूद कंप्यूटर हार्ड डिस्क, लैपटॉप, बैंक खातों से जुड़े विवरण और अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर उनकी गहन तफ्तीश शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि यह पूरी कार्रवाई राज्य के विभिन्न जिलों में जिला खनिज न्यास मद (डीएमएफ) के फंड आवंटन और उसके उपयोग में हुई भारी गड़बड़ियों व कमिशनखोरी से जुड़ी हुई है। ईडी को जांच के दौरान कुछ ऐसे इनपुट्स और कड़ियां मिली थीं, जिनके तार पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष के इस व्यावसायिक प्रतिष्ठान और उनके करीबियों से जुड़े होने का संदेह था। इसी सिलसिले में एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या डीएमएफ फंड का कोई हिस्सा नियमों को ताक पर रखकर यहां डायवर्ट किया गया था या अनुचित तरीके से टेंडर्स को प्रभावित किया गया था।

/* Outer Box */ /* Header Label */ /* Slider */

ईडी की इस बड़ी रेड के बाद से मॉनसून एग्रो एजेंसी के बाहर और शहर के मुख्य चौराहों पर स्थानीय पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। प्रतिष्ठान के भीतर किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश या अंदर से किसी के बाहर जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। राकेश गुप्ता के समर्थकों और स्थानीय कांग्रेस नेताओं की भीड़ भी धीरे-धीरे उनके आवास और दफ्तर के आसपास जुटना शुरू हो गई है। खबर लिखे जाने तक ईडी की सर्चिंग और कागजातों को खंगालने की यह मैराथन कार्रवाई लगातार जारी थी, और माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद एजेंसी इस मामले में कोई बड़ा आधिकारिक खुलासा कर सकती है।

Related Articles

Back to top button