CG High Court का बड़ा फैसला: कोरोना काल में TET न होने का खमियाजा नहीं भुगतेगा आवेदक, अनुकंपा नियुक्ति देने का आदेश
बिलासपुर हाईकोर्ट ने पंचायत विभाग के फैसले को पलटा; पीड़ित को 45 दिनों के भीतर न्याय देने के निर्देश

बिलासपुर/धमतरी: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Chhattisgarh High Court) ने अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) को लेकर एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोरोना महामारी (COVID-19) जैसी असाधारण परिस्थितियों के कारण यदि शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) समय पर आयोजित नहीं हो सकी, तो इसका खामियाजा अनुकंपा नियुक्ति के आवेदक को नहीं भुगतना पड़ेगा। जस्टिस एन. के. चन्द्रवंशी की एकलपीठ ने पंचायत विभाग के अड़ियल रवैये को खारिज करते हुए विभाग को आदेश दिया है कि वे आवेदक के प्रकरण पर कानून के दायरे में पुनर्विचार करें और अगले 45 दिनों के भीतर अंतिम निर्णय लें।
यह पूरा मामला धमतरी जिले का है। याचिकाकर्ता वासुदेव साहू के पिता शिक्षा विभाग में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत थे, जिनका वर्ष 2017 में सेवा के दौरान आकस्मिक निधन हो गया था। पिता के निधन के बाद वासुदेव ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। नियम के मुताबिक, उन्हें आवश्यक शैक्षणिक योग्यता पूर्ण करने के लिए शासन की ओर से तीन वर्ष का समय दिया गया था। वासुदेव ने निर्धारित समय सीमा के भीतर डी.एल.एड. (D.El.Ed.) की परीक्षा तो अच्छे अंकों से उत्तीर्ण कर ली, लेकिन शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य पात्रता परीक्षा यानी ‘टेट’ (TET) मार्च 2020 में कोविड-19 लॉकडाउन के कारण निरस्त कर दी गई।



