युवाओं को बड़ी सौगात: छत्तीसगढ़ में 700 सहायक प्राध्यापकों (Assistant Professors) की भर्ती को मंजूरी, उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा की बैठक में बड़े फैसले
उच्च शिक्षा विभाग में सालों से अटके पदोन्नति (Promotion) के मामले सुलझे; मंत्रालय में हुई हाई-लेवल बैठक में साय सरकार ने कड़े फैसलों से बदला कॉलेज शिक्षा का ढर्रा

रायपुर, 2 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा व्यवस्था के कायाकल्प और प्रदेश के शिक्षित युवाओं को रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। राज्य के सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को नया कलेवर देने और सालों से धूल फांक रहे प्रशासनिक मामलों को हमेशा के लिए सुलझाने के लिए आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। मंत्रालय महानदी भवन में उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा की अध्यक्षता में विभाग की एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक संपन्न हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसले लेते हुए बेरोजगार युवाओं और कॉलेज स्टाफ को बड़ी सौगात दी गई है।
700 सहायक प्राध्यापकों की सीधी भर्ती को हरी झंडी
इस उच्च स्तरीय बैठक का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में मैनपावर की कमी को दूर करना रहा। मंत्री टंकराम वर्मा ने कॉलेजों में अध्यापन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 700 सहायक प्राध्यापकों (Assistant Professors) की सीधी भर्ती के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस मंजूरी के बाद अब प्रदेश के नेट (NET), सेट (SET) और पीएचडी (Ph.D.) पास योग्य युवाओं के लिए सरकारी प्रोफेसर बनने का सपना सच होने का रास्ता साफ हो गया है। विभाग को जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया की आगामी रूपरेखा तैयार करने और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
सालों से अटकी पदोन्नति का रास्ता साफ, प्रशासनिक कसावट पर जोर
भर्ती के साथ ही उच्च शिक्षा मंत्री ने विभाग के भीतर सालों से लंबित पड़े विभागीय पदोन्नति (DPC) के मामलों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि प्राध्यापकों, प्राचार्यों और गैर-शैक्षणिक स्टाफ की रुकी हुई पदोन्नति की फाइलों को तुरंत निपटाया जाए, ताकि समय पर कर्मचारियों को उनका हक मिल सके और प्रशासनिक कसावट लाई जा सके।
इसके साथ ही बैठक में निम्नलिखित बिंदुओं पर भी कड़े फैसले लिए गए:
शैक्षणिक कैलेंडर का कड़ाई से पालन: सभी शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों में नया सत्र समय पर शुरू करने और परीक्षाओं के परिणाम समय पर घोषित करने पर विशेष जोर दिया गया।
बुनियादी ढांचे का विकास: कॉलेजों में लैब, लाइब्रेरी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए बजट उपयोगिता की समीक्षा की गई।
पारदर्शिता और सुशासन: प्रशासनिक स्तर पर लेटलतीफी को बर्दाश्त न करते हुए ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम को और अधिक मजबूत करने को कहा गया है।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने बैठक के बाद मीडिया से चर्चा में कहा कि, “हमारी सरकार का मुख्य लक्ष्य छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा स्तर को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाना है। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के पर्याप्त अवसर देना हमारी प्राथमिकता है।” इस बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, संचालक सहित सभी विश्वविद्यालयों के आला अधिकारी मौजूद रहे।



