छत्तीसगढ़

‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26’ का शंखनाद: नए स्वरूप में शुरू हुए नगर निगम के RRR सेंटर, महापौर मीनल चौबे ने की अनोखी अपील

जोन 2 और जोन 7 कार्यालय परिसर में हुआ भव्य लोकार्पण; ई-बैटरी वाहन घर-घर जाकर बटोरेगा अनुपयोगी सामान; महिलाओं को रोजगार देने खुला सिलाई केंद्र

रायपुर, 2 जुलाई 2026। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ‘स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2025-26’ को ध्यान में रखते हुए राजधानी रायपुर को देश में अव्वल बनाने के लिए नगर पालिक निगम ने एक बड़ी और आधुनिक शुरुआत की है। रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक 2 (शहीद स्मारक स्कूल परिसर) और जोन क्रमांक 7 (महाराजा अग्रसेन चौक के पास) कार्यालय प्रांगणों में आरआरआर (RRR – रिड्यूज, रियूज, रिसायकल) सेंटर्स को बेहद आकर्षक और सर्वसुविधायुक्त नए स्वरूप में प्रारंभ किया गया है।

नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने निगम सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ और स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर की गरिमामयी उपस्थिति में इन दोनों सेंटर्स का विधिवत लोकार्पण कर जनता को समर्पित किया।

ई-बैटरी वाहन जाएगा घर-घर, बर्तन और झोला बैंक की भी सुविधा

/* Outer Box */ /* Header Label */ /* Slider */

इस नए स्वरूप वाले आरआरआर सेंटर को पूरी तरह हाईटेक और व्यावहारिक बनाया गया है:

ई-बैटरी वाहन की सौगात: नगर निगम ने दोनों जोनों को एक-एक ई-बैटरी वाहन उपलब्ध कराया है। यह वाहन दोनों जोनों के अंतर्गत आने वाले सभी 7-7 वार्डों के रिहायशी इलाकों में घर-घर जाएगा और नागरिकों से उनकी अनुपयोगी वस्तुएं संग्रहित करके सेंटर लाएगा।

व्यवस्थित आलमारियां: सेंटर्स में पुराने कपड़े, जूते-चप्पल, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, पुराने बर्तन और प्लास्टिक सामानों को अलग-अलग रखने के लिए व्यवस्थित आलमारियां बनाई गई हैं।

बर्तन और झोला बैंक: नागरिकों को सिंगल-यूज प्लास्टिक से मुक्ति दिलाने और सामाजिक आयोजनों के लिए यहाँ बर्तन बैंक तथा झोला बैंक की भी अनूठी व्यवस्था की गई है।

महिला स्व-सहायता समूहों को मिला आजीविका का साधन

महापौर श्रीमती मीनल चौबे के विशेष निर्देश पर इन सेंटर्स को केवल कचरा प्रबंधन तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे महिला सशक्तिकरण से भी जोड़ा गया है। सेंटर्स पर सिलाई मशीनों की व्यवस्था की गई है, जहाँ स्थानीय महिलाएं सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार से जुड़ सकेंगी।

जोन 2 के सेंटर का संचालन वैभवलक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह की दीदियों द्वारा किया जाएगा।

जोन 7 के सेंटर की जिम्मेदारी माँ गौरी महिला स्व-सहायता समूह को सौंपी गई है।

जो सामग्रियां दोबारा पहनने या उपयोग करने योग्य नहीं होंगी (जैसे फटे-पुराने कपड़े), उन्हें ये महिलाएं रिसायकल कर सुंदर कपड़े के थैले और झोले में तब्दील करेंगी, जिससे सर्कुलर इकॉनमी (Circular Economy) को बढ़ावा मिलेगा।

“नर सेवा और पर्यावरण संरक्षण का बेहतरीन मॉडल”

महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने शहरवासियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि, “आरआरआर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की एक अद्भुत अवधारणा है। हमारे घरों का जो सामान हमारे लिए बेकार हो चुका है, वह किसी गरीब और जरूरतमंद के चेहरे पर बड़ी मुस्कान ला सकता है। कृपया अपने घरों की अनुपयोगी वस्तुएं इन सेंटर्स में दान कर पुण्य और पर्यावरण संरक्षण के भागीदार बनें।”

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

इस गरिमामयी लोकार्पण अवसर पर एमआईसी सदस्य श्री महेन्द्र खोडियार, अवतार भारती बागल, दीपक जायसवाल, वार्ड पार्षद श्रीमती कृतिका जैन, श्रीमती रामहिन कुर्रे, श्री शेख मुनीर, श्री आनंद अग्रवाल सहित जोन 2 के कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय, जोन 7 की कमिश्नर डॉ. तृप्ति पाणीग्रही, सहायक अभियंता श्री गोविंद साहेब बंजारे, उप अभियंता एसबीएम श्रीमती कृष्णा राठी, श्री संस्कार शर्मा, श्रीमती प्रेरणा अग्रवाल, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री रवि लावनिया, श्री आत्मानंद साहू और बड़ी संख्या में जागरूक नागरिक उपस्थित थे।

Related Articles

Back to top button