छत्तीसगढ़

Jain Mahotsav: आचार्य पदारोहण महोत्सव में पहुंचे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और सीएम विष्णुदेव साय, जैन मुनियों से लिया आशीर्वाद

अध्यात्म का महाकुंभ: रायपुर के इंडोर स्टेडियम में पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज का आचार्य पदारोहण, 14 वर्षीय बाल मुनि की अद्भुत स्मरणशक्ति को सबने किया नमन।

रायपुर: राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आज जैन समाज के एक ऐतिहासिक और भव्य आध्यात्मिक समागम का आयोजन हुआ। अवसर था ‘आचार्य पदारोहण एवं सहस्त्रावधान तपस्या महोत्सव’ का, जिसमें देश के कई दिग्गज राजनेता और देशभर से आए हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। इस गरिमय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों ही शीर्ष अतिथियों ने मंच पर विराजमान जैन मुनियों के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया और आचार्य पद पर प्रतिष्ठित हो रहे पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज को सादर नमन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जैन दर्शन की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आचार्य पद केवल एक पद या उपाधि नहीं है, बल्कि यह कठिन तप, परम त्याग, अगाध ज्ञान और समाज को सही दिशा दिखाने वाली साधना का सर्वोच्च प्रतीक है। श्री बिरला ने कहा कि भगवान महावीर स्वामी और जैन दर्शन के सिद्धांत आज भी पूरी मानवता को शांति, आत्मसंयम, करुणा और अहिंसा का सच्चा मार्ग दिखाते हैं। वर्तमान समय में जब पूरा विश्व आपसी तनाव, वैमनस्य और संघर्षों से जूझ रहा है, तब जैन दर्शन की व्यावहारिक शिक्षाएं और अधिक प्रासंगिक तथा आवश्यक हो गई हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस भव्य आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन और ऐतिहासिक धरती पर पहली बार इस स्तर का आचार्य पदारोहण महोत्सव आयोजित हो रहा है, जो पूरे प्रदेश के लिए बेहद गौरव और सौभाग्य का विषय है। मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए संतों, साध्वियों और जैन श्रद्धालुओं का राज्य सरकार की ओर से आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आज रायपुर का यह इंडोर स्टेडियम ज्ञान, साधना और अध्यात्म के एक पवित्र तीर्थस्थल में बदल चुका है। भगवान महावीर का ‘जियो और जीने दो’ का अमर संदेश आज के युग में भटके हुए समाज को सही राह दिखाने में सक्षम है।

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इस महोत्सव के दौरान 14 वर्षीय बाल मुनि शतावधानी हंसभद्रमुनि जी महाराज की विलक्षण साधना और असाधारण प्रतिभा आकर्षण का केंद्र रही। मुख्यमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष दोनों ने ही बाल मुनि की अद्भुत स्मरणशक्ति, अटूट एकाग्रता और कम उम्र में ज्ञान-साधना की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक साथ एक हजार कठिन प्रश्नों को पूरी एकाग्रता के साथ स्मरण रखना और फिर उनका क्रमवार सटीक उत्तर देना कोई सामान्य बात नहीं है, यह एक ईश्वरीय और असाधारण उपलब्धि है। उनके इस तप से युवा पीढ़ी को जीवन में एकाग्रता और नैतिक मूल्यों को अपनाने की बड़ी प्रेरणा मिलेगी।

समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने भी अपने विचार व्यक्त किए। डॉ. रमन सिंह ने कठिन पदयात्रा और कठोर उपवास कर रायपुर पहुंचे सभी साधु-संतों का अभिनंदन किया, वहीं तोखन साहू ने कहा कि जैन संतों का अनुशासित जीवन समाज को सदैव प्रेरित करता रहेगा। इस ऐतिहासिक आध्यात्मिक महाकुंभ में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विजय बघेल, कमलेश जांगड़े, महेश कश्यप, विधायक राजेश मूणत सहित सकल जैन श्रीसंघ के पदाधिकारी, भारी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक और श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।

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