छत्तीसगढ़

पुलिस का बड़ा एक्शन, साइबर ठगी की रकम खपाने वाले 15 शातिर गिरफ्तार: युवाओं को पैसों का लालच देकर खुलवाते थे ‘म्यूल बैंक खाते’

ट्विन सिटी (दुर्ग-भिलाई) में सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश; देश भर से लूटी गई करोड़ों की धनराशि को ठिकाने लगाने के लिए कमीशन पर चल रहा था खेल।

Bol Bharat 24 News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई (ट्विन सिटी) से साइबर अपराधियों और उनके मददगारों के खिलाफ अब तक की एक बेहद बड़ी और प्रभावी कार्रवाई सामने आई है। दुर्ग जिला पुलिस की विशेष एंटी साइबर क्राइम टीम ने देश भर के मासूम लोगों से ऑनलाइन ठगी (Cyber Fraud) की गई मोटी रकम को ठिकाने लगाने वाले एक हाई-प्रोफाइल गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए ‘म्यूल बैंक खातों’ (Mule Bank Accounts) का जाल बिछाने वाले 15 शातिर आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया है। यह गिरोह ठगी के पैसों को अवैध रूप से ट्रांसफर करने और उसे कैश कराने के लिए बड़े पैमाने पर सक्रिय था।

पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी बेहद शातिराना ढंग से काम करते थे। ये मुख्य रूप से कॉलेज के छात्रों, बेरोजगार युवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को अपना निशाना बनाते थे। उन्हें कुछ ही घंटों में बिना कुछ किए मोटा कमीशन या फिक्स रकम कमाने का लालच दिया जाता था। इस लालच में आकर युवा अपने नाम पर विभिन्न राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों में नए खाते खुलवा लेते थे या फिर अपने मौजूदा एक्टिव बैंक खातों के पासबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और नेट बैंकिंग के क्रेडेंशियल (पासवर्ड) इन अपराधियों को सौंप देते थे।

इन फर्जी और किराए के खातों (म्यूल अकाउंट्स) का उपयोग देश के अलग-अलग राज्यों में बैठे मुख्य साइबर ठग लोगों से लूटी गई रकम को तुरंत जमा कराने के लिए करते थे। जैसे ही ठगी की रकम इन खातों में आती थी, दुर्ग में बैठे ये 15 शातिर बदमाश अलग-अलग एटीएम से या चेक के जरिए पैसे निकालकर आगे भेज देते थे। इसके बदले इन्हें मुख्य सरगना से मोटा कमीशन मिलता था। पुलिस को चकमा देने और कानून की नजरों से बचने के लिए एक खाते से दूसरे खाते में पैसों को पलक झपकते ही ट्रांसफर कर दिया जाता था, जिससे पैसों का सोर्स ढूंढना मुश्किल हो जाए।

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दुर्ग पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि देश भर के विभिन्न राज्यों से मिल रही शिकायतों और तकनीकी इनपुट के आधार पर संदिग्ध बैंक खातों की बारीकी से स्क्रूटनी की गई, जिसके बाद इस पूरे रैकेट की कड़ियां आपस में जुड़ीं। गिरफ्तार किए गए 15 आरोपियों के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में मोबाइल फोन, एक्टिवेटेड सिम कार्ड, विभिन्न बैंकों की पासबुक, चेकबुक और कई एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस अब इन खातों के जरिए हुए करोड़ों रुपये के ट्रांजैक्शन की हिस्ट्री खंगाल रही है, और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस रैकेट से जुड़े कुछ बड़े सफेदपोश और मुख्य साइबर अपराधियों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।

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