छत्तीसगढ़

Forest Department:- तेन्दूपत्ता संग्राहकों की बढ़ी खुशहाली: वन मंत्री केदार कश्यप की मुस्तैदी से खातों में पहुंचे ₹627.62 करोड़, भुगतान की रफ्तार तेज़

छत्तीसगढ़ में 10.70 लाख से अधिक परिवारों को मिला सीधे बैंक खातों में लाभ; राज्य में 82.33 प्रतिशत से अधिक का भुगतान कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण।

Bol Bharat 24 News- छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य को लेकर राज्य सरकार ने एक बेहद सराहनीय और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के सीधे मार्गदर्शन और कुशल नेतृत्व में तेन्दूपत्ता संग्राहकों को पारिश्रमिक भुगतान की प्रक्रिया ने अब तक की सबसे तेज़ रफ्तार पकड़ ली है। छत्तीसगढ़ राज्य लघुवनोपज सहकारी संघ द्वारा जारी ताजा आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 10 लाख 70 हजार 186 तेन्दूपत्ता संग्राहकों के बैंक खातों में अब तक ₹627.62 करोड़ की विशाल राशि सीधे (डीबीटी के माध्यम से) ट्रांसफर की जा चुकी है, जो कि कुल देय राशि का रिकॉर्ड 82.33 प्रतिशत है।

इस साल प्रदेश भर के जंगलों से संग्राहकों द्वारा कुल 13.85 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है, जिसके बदले वनवासियों के लिए लगभग ₹762.28 करोड़ की कुल भुगतान योग्य राशि निर्धारित की गई है। राज्य सरकार द्वारा डिजिटल भुगतान व्यवस्था (Digital Payment System) को बेहद पारदर्शी और मजबूत बनाने का ही नतीजा है कि अब तक ₹649.15 करोड़ की भारी-भरकम राशि की ओटीपी (OTP) सत्यापन प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। आधुनिक तकनीक के इस बेहतर इस्तेमाल के चलते पूरे ट्रांजैक्शन के दौरान रिजेक्शन की दर महज़ 0.37 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो इस पूरी भुगतान प्रणाली की उच्च पारदर्शिता, विश्वसनीयता और प्रशासनिक दक्षता का सबसे बड़ा प्रमाण है।

इस बड़ी वित्तीय सफलता पर वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में राज्य सरकार वनांचल के गरीब परिवारों की आर्थिक समृद्धि और खुशहाली को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानकर काम कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि तेन्दूपत्ता संग्राहकों को उनकी हाड़-तोड़ मेहनत का पारिश्रमिक बिना किसी बिचौलिए के सीधे और समय पर उपलब्ध कराना हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्रतिबद्धता है। हमारी नीतियां लघुवनोपज आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और दूरस्थ क्षेत्रों में आजीविका के नए व सुरक्षित साधन विकसित करने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही हैं, जिससे वनवासियों की आय में सीधे तौर पर बड़ी बढ़ोतरी हो रही है।

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अगर क्षेत्रवार प्रगति की बात करें, तो प्रदेश के विभिन्न वन वृत्तों में भुगतान का काम अंतिम चरणों में है। आंकड़ों के मुताबिक, रायपुर क्षेत्र में 98.61 प्रतिशत, दुर्ग क्षेत्र में 95.45 प्रतिशत, बिलासपुर क्षेत्र में 92.29 प्रतिशत और नारायणपुर जिले में 97.27 प्रतिशत भुगतान का काम पहले ही पूरा कर लिया गया है। वन मंत्री ने शेष बचे क्षेत्रों के विभागीय अधिकारियों को कड़ी हिदायत देते हुए जल्द से जल्द शत-प्रतिशत भुगतान पूरा करने के निर्देश दिए हैं। समय पर हुए इस भुगतान से न केवल लाखों वनवासी परिवारों को बहुत बड़ा आर्थिक संबल मिला है, बल्कि इससे छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और वनांचल बाजारों की क्रय शक्ति बढ़ने से पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नई और मजबूत गति प्राप्त हुई है।

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