छत्तीसगढ़

महिंद्रा फाइनेंस कर्मियों की बेरहमी, कार में बैठी गर्भवती महिला चीखती रही और क्रेन से गाड़ी उठाने लगे रिकवरी एजेंट…NV News

एसएसपी ऑफिस के सामने फाइनेंस कंपनी की गुंडागर्दी, डायल 112 की टीम ने मौके पर पहुंचकर महिला को बचाया

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों की रूह कंपा देने वाली गुंडागर्दी और संवेदनहीनता का मामला सामने आया है। जिला पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय के ठीक सामने महिंद्रा फाइनेंस के रिकवरी एजेंटों ने कानून और इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं। कार की किस्त (EMI) जमा नहीं होने पर फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने गाड़ी को जबरन जब्त करने का प्रयास किया। इस दौरान कार के भीतर एक गर्भवती महिला बैठी हुई थी, जो दर्द और डर के मारे कार के अंदर ही कराहती रही, लेकिन बेरहम कर्मियों का दिल नहीं पसीजा।

गर्भवती महिला के साथ कार को क्रेन से उठाने का प्रयास

मिली जानकारी के अनुसार, फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी अपने साथ एक क्रेन लेकर पहुंचे थे। कार मालिक द्वारा बकाया किस्त तुरंत न दे पाने पर, कर्मियों ने कार के अंदर मौजूद गर्भवती महिला की स्थिति को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। वे महिला समेत कार को क्रेन से बांधकर हवा में उठाने लगे। इस खौफनाक मंजर को देखकर महिला बेहद डर गई और उसने सूझबूझ दिखाते हुए कार के भीतर से ही पुलिस आपातकालीन सेवा डायल 112 (Dial 112) पर कॉल कर मदद की गुहार लगाई।

डायल 112 की टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाया

गर्भवती महिला की कॉल पर बिलासपुर पुलिस की डायल 112 की टीम बिना वक्त गंवाए तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों के हौसले पस्त हो गए। पुलिस के कड़े हस्तक्षेप के बाद, फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी मौके पर ही किस्त की बकाया राशि लेकर शांत हुए और तब जाकर कार को क्रेन से नीचे उतारा गया। सरेराह हुई इस अमानवीय घटना के बाद स्थानीय लोगों में फाइनेंस कंपनी के खिलाफ भारी आक्रोश है और मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

Related Articles

Back to top button