PM-USHA Scheme: छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में ‘PM-USHA’ की महा-क्रांति, वनांचलों तक पहुंचेगी आधुनिक शिक्षा
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों को मिल रहा है सीधा लाभ, स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक लैब से 5 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के सपनों को मिलेगी उड़ान।

Raipur: विष्णु प्रसाद वर्मा (सहायक संचालक) के विशेष आलेख के अनुसार, छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा जगत में ‘प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान’ (PM-USHA) एक नए युग का सूत्रपात कर रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रभावी क्रियान्वयन, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की नैक (NAAC) ग्रेडिंग में सुधार, और अनुसंधान के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा भारी-भरकम वित्तीय अनुदान की स्वीकृति दी गई है। यह योजना पूर्ववर्ती ‘रूसा’ (RUSA) का ही एक परिष्कृत और अधिक उन्नत रूप है, जो राज्य के युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही है।
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत देश भर के लिए कुल 12,926.10 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जिसका एक बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ को मिला है। इसके अंतर्गत चयनित पात्र शासकीय विश्वविद्यालयों को मल्टी-डिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटीज़ (MERU) के रूप में विकसित करने के लिए प्रति संस्थान 20 करोड़ से लेकर 100 करोड़ रुपए तक का अनुदान मिल रहा है। वहीं, चिन्हित शासकीय महाविद्यालयों को बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए 5 करोड़ रुपए तक का प्रोजेक्ट-बेस्ड अनुदान स्वीकृत किया जा रहा है। इस वित्तीय भार का वहन केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 60:40 के अनुपात में किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में यह योजना धरातल पर तेजी से प्रगति कर रही है और उच्च शिक्षा विभाग द्वारा केंद्र सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) भी किया जा चुका है। बस्तर से लेकर सरगुजा संभाग तक, राज्य के सभी 33 जिलों के शासकीय कॉलेजों में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लैब और कंप्यूटर सेंटर का निर्माण युद्धस्तर पर जारी है। इस दूरदर्शी परियोजना से प्रदेश के 5 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं, विशेषकर ग्रामीण, अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) और महिला वर्ग के विद्यार्थी सीधे लाभान्वित हो रहे हैं, जिससे अब वनांचलों के युवाओं को भी वैश्विक स्तर की आधुनिक शिक्षा अपने ही क्षेत्र में सुलभ हो रही है।



