CGPSC Scam: ED की ताबड़तोड़ कार्रवाई के संकेत, सहायक प्राध्यापक भर्ती 2019 और संस्कृति विभाग की भर्ती भी जांच के घेरे में
CG Job Scam: CGPSC 2021 के बाद अब पूर्ववर्ती सरकार की अन्य नियुक्तियों पर कसा शिकंजा, एक ही परीक्षा केंद्र से 36 अभ्यर्थियों के चयन पर गहराया शक

CGPSC Scam ED Investigation News: छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती परीक्षा 2021 घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की कार्रवाई के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी अपनी जांच की रफ्तार तेज कर दी है। सूत्रों से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, ईडी की यह कड़ाई अब केवल वर्ष 2021 की राज्य सेवा परीक्षा के कथित फर्जीवाड़े तक ही सीमित नहीं रहने वाली है। केंद्रीय एजेंसी अब पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के पूरे कार्यकाल के दौरान हुई अन्य बड़ी और संदिग्ध सरकारी भर्तियों की भी बारीकी व कड़ाई से पड़ताल करने की तैयारी में है। इस रणनीतिक कदम से प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भारी हड़कंप मच गया है।
ईडी की इस विस्तृत जांच के रडार पर अब सीधे तौर पर वर्ष 2019 में आयोजित हुई सहायक प्राध्यापक (असिस्टेंट प्रोफेसर) भर्ती परीक्षा आ गई है। गौर करने वाली बात यह है कि यह भर्ती कुल 1,384 पदों के लिए निकाली गई थी, जिसमें शुरू से ही कई गंभीर विसंगतियों के आरोप लग रहे थे। जांच एजेंसियों का शक तब और गहरा गया जब यह तथ्य सामने आया कि इस परीक्षा के दौरान एक ही विशिष्ट परीक्षा केंद्र (एग्जाम सेंटर) से परीक्षा देने वाले 50 अभ्यर्थियों में से रिकॉर्ड 36 अभ्यर्थियों का एक साथ चयन हो गया था। इतनी बड़ी संख्या में एक ही सेंटर से टॉपर्स और सफल अभ्यर्थियों का निकलना सीधे तौर पर बड़े पैमाने पर हुई सेटिंग या पेपर लीक की ओर इशारा करता है, जिसकी अब मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से जांच की जा रही है।
इसके अतिरिक्त, संस्कृति विभाग में हुई विभिन्न पदों पर नियुक्तियां और भर्तियां भी अब केंद्रीय जांच एजेंसी के कड़े घेरे में आ चुकी हैं। आरोप हैं कि इन भर्तियों में भी नियमों को ताक पर रखकर चहेतों और रसूखदारों के रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाया गया था। ईडी के अधिकारी अब सीजीपीएससी के तत्कालीन पदाधिकारियों, कूटनीतिक कड़ियों और संदिग्ध बैंक खातों के वित्तीय लेनदेन (मनी ट्रेल) को खंगाल रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन नौकरियों के बदले कितने करोड़ रुपये की रिश्वत का लेन-देन हुआ था। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ बेहद रसूखदार चेहरों और पूर्व अधिकारियों पर ईडी की बड़ी दंडात्मक कार्रवाई के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं।




