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बस्तर में शिक्षा का उत्सव: भानपुरी में वन मंत्री केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप ने किया ‘शाला प्रवेश उत्सव’ का आगाज, बनियागांव को मिला ₹1.12 करोड़ का नया स्कूल भवन

नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर हुआ स्वागत; बांटे गए स्मार्ट टीवी और स्कूल बैग, अतिथियों ने बच्चों संग जमीन पर बैठकर किया सहभोज

रायपुर/बस्तर, 1 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने और सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने के लिए चौतरफा प्रयास जारी हैं। इसी कड़ी में आज बस्तर जिले के भानपुरी में ‘शाला प्रवेश उत्सव’ का आयोजन बेहद हर्षोल्लास और उमंग के साथ किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में प्रदेश के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, वहीं बस्तर क्षेत्र के सांसद श्री महेश कश्यप विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान दोनों मुख्य अतिथियों ने पहली बार स्कूल की दहलीज पर कदम रखने वाले नवप्रवेशी नन्हे-मुन्ने बच्चों का आरती उतारकर, तिलक लगाकर, माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर अत्यंत आत्मीय स्वागत किया। स्कूल के पहले ही दिन ऐसा आदर और दुलार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। इस मौके पर बच्चों को शासन की ओर से नि:शुल्क स्कूल बैग, कॉपियां और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्रियां भी वितरित की गईं।

बनियागांव को मिली ₹1.12 करोड़ के नए स्कूल भवन की सौगात

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इस उत्सव के अवसर पर भानपुरी क्षेत्र के विद्यार्थियों को बुनियादी ढांचे की एक बड़ी सौगात मिली। मुख्य अतिथियों द्वारा ग्राम बनियागांव में 1 करोड़ 12 लाख 80 हजार रुपये की भारी-भरकम लागत से नवनिर्मित ‘शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय’ के भव्य और सर्वसुविधायुक्त नए भवन का विधिवत लोकार्पण किया गया। इस नए और आधुनिक स्कूल भवन के बन जाने से क्षेत्र के ग्रामीण और आदिवासी अंचल के छात्र-छात्राओं को अब अपने ही इलाके में बेहतर, सुरक्षित और सुविधायुक्त वातावरण में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

स्मार्ट टीवी से होगी पढ़ाई, मेधावी छात्र हुए सम्मानित

ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा (Digital Education) को बढ़ावा देने के लिए इस अवसर पर स्कूलों को आधुनिक स्मार्ट टीवी प्रदान किए गए, ताकि बच्चे विजुअल माध्यम से कठिन विषयों को आसानी से समझ सकें। इसके साथ ही, पिछले शैक्षणिक सत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं को मंच पर मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि, “शिक्षा ही एक मजबूत, सभ्य और विकसित समाज की सबसे बड़ी आधारशिला है। साय सरकार का संकल्प हर गरीब और ग्रामीण बच्चे तक विश्वस्तरीय शिक्षा पहुंचाना है।” उन्होंने बस्तर के आदिवासी अभिभावकों से भावुक अपील की कि वे अपने बच्चों को, विशेषकर बेटियों को, नियमित रूप से स्कूल जरूर भेजें। वहीं सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर के ग्रामीण अंचलों के बच्चों में गजब की प्रतिभा है, वे आज तकनीक का लाभ उठाकर हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रहे हैं।

जब बच्चों के बीच जमीन पर बैठे मंत्री और सांसद

इस पूरे आयोजन का सबसे खूबसूरत और आत्मीय पल वह था, जब प्रोटोकॉल को किनारे रखकर वन मंत्री श्री केदार कश्यप और सांसद श्री महेश कश्यप खुद स्कूली बच्चों के बीच जमीन पर टाट-पट्टी पर बैठ गए। उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन (सहभोज) किया। भोजन के दौरान उन्होंने बच्चों से हंसते-मुस्कुराते हुए बातचीत की, उनके सपनों के बारे में पूछा और उन्हें खूब मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रेरित किया। मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को अपने इतने करीब पाकर नौनिहालों का उत्साह दोगुना हो गया।

इस भव्य कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के आला अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न स्कूलों के शिक्षक, भारी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक और सैकड़ों की तादाद में स्कूली बच्चे उपस्थित रहे। इस शाला प्रवेश उत्सव ने पूरे बस्तर अंचल में शिक्षा के प्रति एक नई अलख जगाने का काम किया है।

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